RNI N. MPHIN/2013/52360; प्रधान संपादक - विनायक अशोक लुनिया

माही परियोजना मुख्य बांध डूब क्षेत्र वासियों की मुआवजे को लेकर जागी उम्मीद,करीब 2 माह चलेगा माही परियोजना डूब क्षेत्र का सर्वे

मनीष कुमट (जैन)
झकनावदा – 16 नवंबर को ग्राम गुलरीपाड़ा सिंगाड़ फलियां में माही मुख्य बांध डूब प्रभावित लोगों का क्षेत्र के हिसाब से सर्वे किया गया। जिसमें दिनांक 14 नवंबर को दो क्षेत्रवासियों ने उपस्थित अधिकारियों को करीब 67 आवेदन जमा करवाएं। जिसके बाद 15 नवंबर को छूटी होने से 16 नवंबर को दोबारा सिंगार फलिया में आवेदन जमा करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। माही मुख्य बांध के डूब क्षेत्र में झाबुआ जिले के 11 ग्राम प्रभावित होने के कारण कार्यालयीन अभिलेख की सूक्ष्म जांच की जाने हेतु निम्न अधिकारियों कर्मचारियों की जांच टीम का गठन किया गया। धीरज जामोद अधिकारी माही परियोजना उप संभाग क्रमांक 8 पेटलावद, देवेंद्र डावर अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन उप संभाग पेटलावद, जेएस विस्ट उपयंत्री माही परियोजना उप संभाग क्रमांक 16 पेटलावद, रामनारायण दोहरे अमीन माही परियोजना उप संभाग क्रमांक 16 पेटलावद, संदीप डावर सहायक वर्ग-3 माही परियोजना उप संभाग पेटलावद, नवदीप पाठक अमीन माही परियोजना उप संभाग क्रमांक 4 लाबरिया, महेंद्र सिंह परमार पटवारी राजस्व पेटलावद, ललित मंडलोई पटवारी राजस्व पेटलावद, राजेंद्र सिंह भूरिया पटवारी पेटलावद एवं उपरोक्त सर वेदर के सहयोग हेतु ग्राम के सम्मुख अंकित ग्राम पंचायत के सचिव रोजगार सहायक को नियुक्त किया गया जिसमें ग्राम जुवानपुरा, ग्राम काली कराई, ग्राम धोली खाली, ग्राम सूखनेडा, ग्राम  झोसरपाड़ा के लिए सचिव ग्राम पंचायत धोली काली जीआरएस अनार सिंह सोलंकी को, ग्राम पंचायत झकनावदा के लिए विनोद देवदा सचिव, एवं ग्राम पंचायत भेरुपाड़ा, गुलरीपाड़ा, केसरपुरा, बोरघाटा के लिए रतनलाल सिंगार सहायक सचिव, एवं चारण कोटडा (बड़लीपाड़ा) ग्राम पंचायत बेकलदा के लिए सुर सिंह भाबर को नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उपस्थित अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे द्वारा शासन के निर्देशानुसार करीब 2 माह तक यह सर्वे माही डूब  परिक्षेत्र मैं निरंतर जारी रहेगा जिसमें वास्तविक सत्यापन किया जाएगा उसके बाद ही वास्तविक स्थिति को जांच कर उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा। इस अवसर पर अनिल चौहान नायब तहसीलदार टप्पा तहसील झकनावदा में गुलरीपाड़ा सिंगार फलिया में चल रहे सर्वे का निरीक्षण किया। बड़े लंबे समय के इंतजार के बाद माही डूब क्षेत्र वासियों के चेहरे पर उक्त सर्वे के बाद एक अलग ही मुस्कान देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे द्वारा माही बांध पर जाकर निरंतर आंदोलन के माध्यम से धरना प्रदर्शन किया। जिसके बाद शासन-प्रशासन की नींद खुली। वह हमारी एक नई उम्मीद जागी। हमें पूर्ण आशा है कि सरकार अब सर्वे के माध्यम से वास्तविक स्थिति को जांच कर हमें उचित मुआवजा देगी। रतनलाल सिंगार ग्राम पंचायत भेरूपाड़ा सहायक सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 नवंबर को हमारे पास करीब 60 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आगे यह क्रम जारी रहेगा। बांध निर्माण के पूर्व से डूब क्षेत्र के संघर्षमय ग्रामीणों पर सरकार मुआवजा देने पर कितनी खरी उतरती है। या सर्वे के बाद ग्रामीणों के गुस्से को शांत कर फिर से यह सर्वे कागजों में सिमट कर रह जाता है।

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