RNI N. MPHIN/2013/52360; प्रधान संपादक - विनायक अशोक लुनिया

भगवान महेश के जयकारों के साथ माहेश्वरी समाज ने मनाई महेश नवमी

सच्चा दोस्त न्यूज़ को आप हिंदी के अतिरिक्त अब इंग्लिश, तेलुगु, मराठी, बांग्ला, गुजरती एवं पंजाबी भाषाओँ में भी खबर पढ़ सकते है अन्य भाषाओँ में खबर पढ़ने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें Sachcha Dost News https://sachchadost.in/english सच्चा दोस्त बातम्या https://sachchadost.in/marathi/ సచ్చా దోస్త్ వార్తలు https://sachchadost.in/telugu/ સચ્ચા દોસ્ત સમાચાર https://sachchadost.in/gujarati/ সাচ্চা দোস্ত নিউজ https://sachchadost.in/bangla/ ਸੱਚਾ ਦੋਸਤ ਨ੍ਯੂਸ https://sachchadost.in/punjabi/

उदयपुर, 09 जून। माहेश्वरी समाज की ओर से समाज का 5155वां वंशोत्पत्ति दिवस ज्येष्ठ शुक्ल नवमी गुरुवार को ‘महेश नवमी’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर समाज की ओर से विविध सेवा कार्य हुए और शोभायात्रा भी निकाली गई।

आयोजनों की शुरुआत प्रातः वेला में उदयपुर के धानमण्डी स्थित जानकीराय मंदिर में नरेन्द्र लावटी तथा श्रीनाथ मार्ग स्थित माहेश्वरी भवन में सुरेश सोमानी के सान्निध्य में महाशिवाभिषेक से हुई।

इसके बाद राजस्थान महिला विद्यालय के सभागार में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में समाजजनों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। महेश सेवा संस्थान के बैनर तले स्व. श्री कृष्ण कुमार काबरा स्मृति न्यास के सहयोग से हुए इस रक्तदान में मुख्य अतिथि गोविन्द गुरु विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने रक्तदान का महत्व बताते हुए कहा कि एक व्यक्ति के रक्तदान तीन की जान बचाने में सहयोगी हो सकता है। उन्होंने युवाओं से बढ़चढ़ कर रक्तदान करने का आह्वान किया। इस अवसर पर रक्तदाताओं का उपरणा ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मान भी किया गया। यहां 90 यूनिट रक्तदान हुआ।

समाजजनों की ओर से कलड़वास स्थित शिवशंकर गौशाला में गौसेवा भी की गई।

शाम को तीज का चौक स्थित श्री माहेश्वरी सेवा सदन से शोभायात्रा निकली जो देहलीगेट, बापू बाजार, सूरजपोल, अमृत नमकीन, सिंधी धर्मशाला होते हुए आरएमवी पहुंचकर महाआरती के साथ सम्पन्न हुई। यहां समाजजनों ने 1500 दीपक से महाआरती की। गज-अश्व और झांकियों से सुसज्जित शोभायात्रा में अश्व पर समाज की बेटियां सवार हुई और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। बग्घी में रजत पालकी में ठाकुरजी विराजमान रहे जिनको भक्त चंवर डुलाते चले। झांकियों में श्रीराम द्वारा रामेश्वर महादेव का अभिषेक करने की झांकी भी प्रमुख रही। शोभायात्रा में समाज की महिलाएं भक्तिगीतों पर नाचती-गाती चलीं। शोभायात्रा में पुरुष श्वेत तो महिलाएं केसरिया परिधान में शामिल हुईं।

Leave a Reply

%d bloggers like this: