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उदयपुर में पहली बार गणगौर घाट पर होगी काशी विश्वनाथ की तरह भव्य गंगा आरती और भक्तगण पलक पावड़े बिछाकर स्वामी अवधेशानंद जी का करेंगे स्वागत

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उदयपुर 30 मार्च। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, आलोक संस्थान और बजरंग सेना के संयुक्त तत्वाधान में नवसंवत्सर कार्यक्रमों के अन्तर्गत आज सूरजपोल पर भारत माता का पूजन एवं आरती का आयोजन किया गया। भव्य अखाडा प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि दुनिया में न अमेरिका माता है, न रूस माता है, न ब्रिटेन माता है दुनिया में यदि किसी को माता के रूप में स्थान मिला हुआ है तो वह भारत माता है। हमारे लिये यह गर्व का विशय है कि दुनिया में केवल एक मात्र भारत ऐसा देश है जो छः ऋतुओं का देश है। जिसे प्रकृति मनुश्य के शरीर और मानसिकता के अनुकुल है। यहीं वजह है कि भारत भूमि को देव भूमि कहा गया है। ईष्वर ने भी प्रकट होने के लिये इसी भूमि का चयन किया इसलिये यह वास्तव में देव भूमि है और देव भूमि पर भारत माता का पूजन हर घर में होना चाहिये, हर जगह होना चाहिये।

संयोजक कमलेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि अखिल भारतीय नववर्श समारोह समिति के साथ बजरंग सेना द्वारा सूरजपोल पर भारतमाता पूजन व भारत माता की आरती सुप्रसिद्ध टेगोर की कृती जो प्रथम भारत माता का चित्र है उसकी आरती की गयी।

इस अवसर पर श्री तिलक माणक व्यायाम शाला द्वारा अखाडा प्रदर्शन किया गया जिसमे प्रेम नारायण, दाडम कुमावत के सानिध्य मे भव्य अखाडा प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर दिनेश भट, ताराचंद जैन, हीरालाल सोनी, प्रेम सिंह शक्तावत, रोबिन सिंह, शिव सिंह सोलंकी, भूपेंद्र सिंह भाटी, रमाकांत, चन्द्रवीर सिंह करेलिया, चेन सिंह राजावत, विशिष्ट अतिथि थे साथ ही बजरंग सेना के संस्थापक कमलेन्द्र सिंह पवार, सुनील कालरा, करण वीर सिंह राठौड़, दीपक मेनारिया, रमेश वसिटा, उदय सिंह देवडा, बसन्ति देवी, कुसुमलता सुहालका, मनोहर चौधरी, कमल असवानी, हेमेंद्र कुमावत, ऋषभ सिंह गहलोत, सुरेश सहित बजरंग सेना के अनेक कार्यकर्त्ता उपशतीत थे।

इस अवसर पर अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ प्रदीप कुमावत ने बताया कि आज इस भारत माता की आरती के दौरान संपूर्ण समिति के निर्णय से एवं निर्माण समिति के ताराचंद जी जैन की सहमति से सम्राट विक्रमादित्य की मूर्ति दूध तलाई पर ही स्थापित करने की घोषणा की गई

आज ( 31मार्च) फतहसागर की पाल पर होगा अपनी धरती अपना वेश और सजेगी पगड़ीयाँ

संयोजक निश्चय कुमावत ने बताया कि अखिल भारतीय नववर्श समारोह समिति द्वारा नववर्श के दो दिवसीय मुख्य कार्यक्रमों का आगाज आज (दिनांक: 31 मार्च 2022) फतेहसागर की पाल से होगा। आज (दिनांक: 31 मार्च 2022) नगर निगम उदयपुर, रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर, आलोक संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में फतेहसागर की पाल पर सायं 6 बजे अपनी धरती अपना वेश, पगड़ी सजाओं, पारम्परिक वेशभूषा कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

दिनांक: 01 अप्रेल 2022, शुक्रवार को निकलने वाली विक्रमादित्य संस्कृति चेतना यात्रा का होगा जगह-जगह भव्य स्वागत
उदयपुर में पहली बार गणगौर घाट पर होगी काशी विश्वनाथ की तरह भव्य गंगा आरती और
भक्तगण पलक पावड़े बिछाकर स्वामी अवधेशानंद जी का करेंगे स्वागत

अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राश्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि दिनांक: 01 अप्रेल शुक्रवार को एकलिंग जी से भव्य विक्रमादित्य संस्कृति चेतना यात्रा निकलेगी। अपरान्ह 3 बजे एकलिंग जी से प्रारम्भ होकर चिरवा होते हुये नई टनल से होेते हुये अम्बेरी, सुखेर और आर के सर्किल पर जाकर यह भव्य यात्रा विराट संस्कृति सनातन यात्रा में परिवर्तित हो जायेगी जहाँ जगह-जगह लोग स्वागत करेंगे। चेटक पर जाकर यह यात्रा पद यात्रा के रूप में भगवान के जयकारों के साथ जगदीष मंदिर पहुँचेगी। जगदीश मंदिर से सप्त ज्योतियों का समागम किया जायेगा। उसके बाद गणगौर घाट पर काशी विश्वनाथ की तरह गंगा आरती का आयोजन किया जायेगा। उदयपुर में पहली बार काशी विष्वनाथ की तरह आरती का आयोजन होगा। गणगौर घाट पर ही विक्रम संवत 2078 को आतिशी विदाई दी जायेगी। मेवाड़ के तपस्वी योगी स्वामी अवधेशानन्द जी महाराज (सूरजकुण्ड धाम) इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारेंगे जिनका भक्तगण पलक पावड़े बिछाकर स्वागत करेंगे।

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