RNI N. MPHIN/2013/52360; प्रधान संपादक - विनायक अशोक लुनिया

कोविड की शिथिलता से बनी उपचार की उम्मीद गांव से निकले इलाज कराने 

सह.सम्पादक अतुल जैन की रिपोर्ट

सच्चा दोस्त न्यूज़ को आप हिंदी के अतिरिक्त अब इंग्लिश, तेलुगु, मराठी, बांग्ला, गुजरती एवं पंजाबी भाषाओँ में भी खबर पढ़ सकते है अन्य भाषाओँ में खबर पढ़ने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें Sachcha Dost News https://sachchadost.in/english सच्चा दोस्त बातम्या https://sachchadost.in/marathi/ సచ్చా దోస్త్ వార్తలు https://sachchadost.in/telugu/ સચ્ચા દોસ્ત સમાચાર https://sachchadost.in/gujarati/ সাচ্চা দোস্ত নিউজ https://sachchadost.in/bangla/ ਸੱਚਾ ਦੋਸਤ ਨ੍ਯੂਸ https://sachchadost.in/punjabi/


 विकासखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में लगी मरीजों की भीड

तीन सैकड़ा से अधिक मरीजों ने कराया पंजीयन

शिवपुरी। कोविड महामारी संक्रमण में शिथिलता के चलते अब ग्रामीण अन्य बीमारियों का उपचार कराने की हिम्मत जुटाने लगे है। इसका जीवंत प्रमाण स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित विकासखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में तीन सैकडा से अधिक रोगियों का सुदूर ग्रामीण क्षैत्रों से आकर उपचार हेतु पंजीयन कराना है। स्वास्थ्य विभाग ने रोगियों के उपचार के लिए जिले से विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल ब्लॉक स्तर पर भेजा था। जिसने लगभग 25 बच्चों सहित 03 कैंसर मरीज, 12 मोतियाबिंद रोगी, 01 पटोसिस रोगी ऑपरेशन के लिए चिन्हांकित किए गए। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर उपचार के लिए 155 बच्चों सहित महिला रोगियों को जिला अस्पताल पर रैफर किया गया है जिनका उपचार जिला स्तर पर किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पवन जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि शिवपुरी जिले में दिनांक 22 फरवरी से लेकर 23 मार्च तक एक माह विकासखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य शिविर एवं महिला कैंसर रोग स्क्रीनिंग कैम्पों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों मे जिला स्तर से विशेषज्ञ चिकित्सकों को ब्लॉक स्तर तक भेजा जा रहा है। जिसमें आज नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ दिनेश अग्रवाल, दंत रोग विशेष डॉ गोविंद रावत, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ अर्पित बंसल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मोना गुप्ता, ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ अभिषेक गोयल ने रोगियों का परीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पवन जैन ने बताया कि शिविर में रोगियों को लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वह ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें कैप में आने के लिए प्रोत्साहित करें। विकासखंड बदरवास के खण्ड चिकित्सा अधिकारी और उनकी टीम के प्रयासों से 326 से अधिक बूढ़े, बच्चे और महिलाएं सुबह से ही शिविर स्थल पर एकत्रित होने लगे थे।। जिनका पंजीयन प्रारंभ कर दिया गया और जिले से विशेषज्ञों की टीम पहुंचते ही उनका परीक्षण कर उपचार प्रारंभ कर दिया। इस अवसर पर निशुल्क लैब परीक्षण से लेकर दबाएं भी मुहैया कराई गई।उल्लेखनीय है कोरोना महामारी के चलते लगभग एक वर्ष तक तो सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी चिकित्सकों तक ने ओपीडी बंद कर दी थी। पिछले कुछ समय से कोरोना के गंभीर संक्रमण में कमी के चलते चिकित्सालय तो खुल गए लेकिन रोगी गंभीर परिस्थिति को छोड़कर उपचार कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के कोरोना काल के उपरांत आयोजित शिविर से स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद बनी और ग्रामीण उपचार के लिए गांव से बाहर निकले।


किस बीमारी के कितने रोगियों ने कराया पंजीयन

महिला रोग 100, दंत रोग 34, नेत्र रोग 62, नाक कान गला रोग 55, मानसिक रोग 18 और बाल्य रोग के 57 मरीज़ों ने पंजीयन कराया।


आपरेशन के लिए चिन्हाकित रोगी

कटे तालू होंठ 01, हृदय रोग 01, गूंगे बहरे बच्चे 01, कान से सर आने वाले रोगी 10, मोतियाबिंद 12, पटोसिस 01 रोगी शामिल हैं।


उपचार के लिए चिन्हाकित किए गए रोगी

उपचार के लिए मोटर डिले 05, मोटर इम्पेयरमेंट 6, कुपोषित 02, चर्म रोग 26, श्वांस रोग 29, विजन इम्पेयरमेंट  03, लैग्वेज डिले 01, बिटामिन डी की कमी के रोगी 02, विटामिन ए की कमी 03, डिले एमसी 04, रक्त अल्पता 12अन्य 62 मरीज़ों को चिन्हित किया गया।

Leave a Reply

%d bloggers like this: