सिविल अस्पताल के बीएमओ के अनुचित व्यवहार से नाराज स्टॉफ नर्सेस ने कलेक्टर एवं सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन,बीएमओ अनिल राठौड़ पर उचित कार्रवाई की मांग की


थांदला (मनीष एस. कुमट)
सिविल अस्पताल थांदला के बीएमओ अनिल राठौड़ के अनुचित व्यवहार एवं जबरन परेशान करने से नाराज स्वास्थ्य केंद्र की समस्त स्टॉफ नर्सेस ने झाबुआ कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं सीएमएचओ डॉ जयपालसिंह  ठाकुर को ज्ञापन दिया है ज्ञापन ने बताया है। कि आये दिन किसी न किसी बहाने स्टॉफ नर्सों को परेशान किया जा रहा है। जिसको लेकर समस्त नर्सों में आक्रोश भी है। ज्ञापन में
 बीएमओ पर उचित कार्रवाई की मांग कीसिविल अस्पताल की नर्सेस मती सुमन भारती, दर्शना त्रिवेदी, धर्मिष्ठा परमार, वर्षा कटारा, हेलेना मावी, अरूणा भूरिया, कांता हिहोरी,अलका डामोर, सोनल वाघेला, प्रियंका वागवंशी, राजेश्वरी, रश्मि, कत्तू चारेल, बमलेश्वरी आदि ने गुरूवार को बीएमओ के अत्याचार के खिलाफ लामबंद हुएस्टॉफ नर्स मानसिक रूप से है प्रताड़ित थांदला की समस्त स्टॉफ नर्सेस बीएमओ के अनुचित व्यवहार के कारण काफी परेशान है। बीएमओ द्वारा प्रतिदिन किसी ना किसी स्टॉफ नर्स के साथ बदत्तमीजी एवं ऊंची आवाज से बात कर उनका अनादर किया जाता है। जिससे समस्त स्टॉफ नर्सेस मानसिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित है और उन्हें कार्य करने में काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

पहले भी हुई थी शिकायत

बीएमओ द्वारा वार्ड में सभी मरीजों के सामने ही स्टॉफ के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया जाता है। जिसकी शिकायत इससे पूर्व भी स्वास्थ्य केंद्र थांदला के समस्त चिकित्सक, स्टॉफ नर्सेस एवं कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा सीएमएचओ को की जा चुकी है। 

ज्ञापन में अंत में ऐसे बीएमओ के विरूद्ध उचित कार्रवाई की मांग रखी गई।

प्रशासन करेगा उचित कार्रवाई*सिविल अस्पताल में डॉ अनिल राठौड़ को जब से बीएमओ का चार्ज मिला है। वे हमेशा ही सुर्खियों में रहे है। स्टॉफ के साथ व्यवहार का मामला हो या साथी चिकित्सको को सहयोग का मामला क्या कारण है। कि डॉ अनिल राठौड़ से किसी की भी नही बनती जानकार बताते है। कि डॉ राठौड़ ने बहुत सारी अनियमितता भी कर रखी है जिसके कारण वे बीएमओ पद छोड़ना भी नही चाहते। डॉ राठौड़ को डर है कि किसी प्रकार की जाँच होती है तो वे फस सकते है। जानकारों की माने तो उन्होंने राजनीति सरक्षण प्राप्त कर रखा है।  जिसके कारण वे हठधर्मिता दिखाते है। गौरतलब है। कि पूर्व में भी इन्हें बीएमओ के पद से हटा दिया था।

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