मकर सक्रांति पर्व 14 एवं 15 जनवरी को, तिथि अनुसार 14 को एवं ज्योतिष अनुसार 15 जनवरी को मनाया जाएगा दिनभर चलेगा पतंग छगाने और गिल्ली-डंडे खेलने का दौर, तिल-पपड़ी के व्यंजनों का उठाया जाएगा लुत्फ

इन्दौर सह सम्पादक -मनीष एस.कुमट (जैन), 9752354207, 9752173207
झाबुआ संवाददाता – दौलत गोलानी


झाबुआ। मकर सक्रांति पर्व तिथि अनुसार 14 जनवरी, शुक्रवार एवं ज्योतिषियों के अनुसार 15 जनवरी, शनिवार को मनाया जाएगा। जिसके चलते मकर सक्रांति का उत्साह दो दिन तक शहर में रहेगा। इस दिन युवाओं द्वारा जहां सुबह से ही अपने घरों की छतों और खुले मैदानों पर जाकर पतंग छगाने का आनंद लिया जाएगा। वहीं महिला वर्ग इस दिन गली-मौहल्लों और कॉलोनियों मंे गिल्ली-डंडे खेलने का आनंद लेगी।
पर्व को लेकर सुबह से ही शहर में उत्साह देखने को मिलेगा। दिनभर ‘वो चले काटी होए …. चलते बने … की आवाज बच्चों और युवाओं के मुख से एक-दूसरे की पतंग काटने पर सुनने को मिलेगी। पतंग कटने के साथ उसे लूटने के लिए भी बच्चों में होड़ मचेगी। बाजारों में पतंग-डोरो की दुकानों पर भीड़ देखने को मिल रहीं है। इस दिन लोगों द्वारा विशेष व्यंजनों में तिल-पपड़ी से बने व्यंजनों का लुत्फ उठाया जाएगा।
पर्व की क्या है मान्यता …. ?
पं. प्रदीप भट्ट के अनुसार इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व रहता है। इसलिए लोग विशेषकर गौ-माताओं को हरी सब्जियां एवं पोष्टीक आहार करवाते है। गौ-माता की पूजन-आरती की जाती है। इस दिन से सूर्य की दिशा बदलती है, अर्थात सूर्य देवता धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते है। इसके साथ ही धीरे-धीरे ठंड का प्रकोप कम होकर गर्मी बढ़ती है। पर्व का उत्साह दिनभर शहर में बना रहेगा।

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