चुनाव आयोग  (फाइल फोटो)

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चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

Bypolls: ये उपचुनाव दादरा एवं नगर हवेली, मध्य प्रदेश की खंडवा और हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीटों पर होने थे जो कि सांसदों के निधन के बाद खाली हो गई थीं.

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग (Election Commission) ने 3 लोकसभा सीट और 8 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव (Bypolls) स्थगित कर दिया है. ये उपचुनाव दादरा एवं नगर हवेली, मध्य प्रदेश की खंडवा और हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीटों पर होने थे. इसके साथ ही विभिन्न राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर भी होने वाले उपचुनाव को भी चुनाव आयोग ने स्थगित कर दिया है. बता दें भाजपा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के बाद से खंडवा लोकसभा सीट खाली पड़ी है वहीं हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट पिछले माह हुए सांसद रामस्वरूप शर्मा के निधन के बाद सीट खाली हो गई थी. वहीं दादरा एवं नगर हवेली के सांसद मोहन डेलकर का फरवरी में निधन हो गया था. जिसके बाद से यह सीट खाली हो गई थी. खंडवा सीट पर साल 1980 से यानी 41 साल बाद इस सीट पर एक बार फिर उपचुनाव की स्थिति बनी है. ये भी पढ़ें- कर्नाटक में भी दिल्‍ली जैसे हालात, बढ़ रहे कोरोना मामलों के बीच गहराया ऑक्‍सीजन संकट इससे पहले 3 मई को निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में समसेरगंज और जंगीपुर विधानसभा सीट पर 16 मई को होने वाले चुनाव राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर टाल दिया था. दो उम्मीदवारों के निधन के कारण इन सीटों पर वोटिंग नहीं हो सकी थी. इससे पहले देशभर में कोविड-19 महामारी के कहर के बीच, 17 अप्रैल को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दो लोकसभा सीटों तथा 10 राज्यों की 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के तहत शनिवार को मतदान हुए थे. इसके नतीजे 2 मई को जारी किए गए थे.मद्रास हाईकोर्ट ने की थी आयोग की आलोचना बता दें कोरोना महामारी के बीच 5 राज्यों के उपचुनाव को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई थी और उसे कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार ठहराया था. मद्रास उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग की तीखी आलोचना करते हुए उसे देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के लिए ‘अकेले’ जिम्मेदार करार दिया और कहा कि वह ”सबसे गैर जिम्मेदार संस्था” है. ये भी पढ़ें- सरकार ने किया सतर्क, कोरोना की तीसरी लहर भी आएगी, रहना होगा तैयार
अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या के आरोपों में भी मामला दर्ज किया जा सकता है.

इसने कहा कि निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को रैलियां और सभाएं करने की अनुमति देकर महामारी को फैलने के मौका दिया./s









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