New Criminal Law’s: मप्र हाई कोर्ट ने नए कानून के तहत दिया पहला आदेश, पंडित धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ा है मामला


देश में एक जुलाई से लागू हुए तीन नये कानूनों के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पहला आदेश पारित किया है। मामला बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़ा है। शास्त्री पर एक अन्य कथावाचक गुरुशरण शर्मा द्वारा अनादरपूर्वक संबोधन में अशोभनीय भाषा का उपयोग किया गया है।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Thu, 04 Jul 2024 09:31:43 PM (IST)

Updated Date: Thu, 04 Jul 2024 10:07:25 PM (IST)

Advertisment 
--------------------------------------------------------------------------
क्या आप भी फोन कॉल पर ऑर्डर लेते हुए थक चुके हैं? अपने व्यापार को मैन्युअली संभालते हुए थक चुके हैं? आज के महंगाई भरे समय में आपको सस्ता स्टाफ और हेल्पर नहीं मिल रहा है। तो चिंता किस बात की?

अब आपके लिए आया है एक ऐसा समाधान जो आपके व्यापार को आसान बना सकता है।

समाधान:
अब आपके साथ एस डी एड्स एजेंसी जुडी है, जहाँ आप नवीनतम तकनीक के साथ एक साथ में काम कर सकते हैं। जैसे कि ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त करना, ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करना, ऑनलाइन बिल जनरेट करना, ऑनलाइन लेबल जनरेट करना, ऑनलाइन इन्वेंट्री प्रबंधन करना, ऑनलाइन सीधे आपके नए आगमनों को सोशल मीडिया पर ऑटो पोस्ट करना, ऑनलाइन ही आपकी पूरी ब्रांडिंग करना। आपके स्टोर को ऑनलाइन करने से आपके गैर मौजूदगी के समय में भी लोग आपको आर्डर कर पाएंगे। आपका व्यापार आपके सोते समय भी रॉकेट की तरह दौड़ेगा। गूगल पर ब्रांडिंग मिलेगी, सोशल मीडिया पर ब्रांडिंग मिलेगी, और भी बहुत सारे फायदे मिलेंगे आपको! 🚀

ई-कॉमर्स प्लान:
मूल्य: 40,000 रुपये
50% छूट: 20,000 रुपये
ईएमआई भी उपलब्ध है
डाउन पेमेंट: 5,000 रुपये
10 ईएमआई में 1,500 रुपये
साथ ही विशेष गिफ्ट कूपन

अब आज ही बुकिंग कीजिए और न्यूज़ पोर्टल्स में विज्ञापन प्लेस करने के लिए आपको 10,000 रुपये का पूरा गिफ्ट कूपन दिया जा रहा है! इसे साल भर में हर महीने 10,000 रुपये के विज्ञापन की बुकिंग के लिए 10 महीने तक उपयोग कर सकते हैं।

अब तकनीकी की मदद से अपने व्यापार को नई ऊँचाइयों तक ले जाइए और अपने व्यापार को बढ़ावा दें! 🌐
अभी संपर्क करें - 📲8109913008 कॉल / व्हाट्सप्प और कॉल ☎️ 03369029420


 

New Criminal Law's: मप्र हाई कोर्ट ने नए कानून के तहत दिया पहला आदेश, पंडित धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ा है मामला
नए कानून के तहत मप्र हाई कोर्ट का पहला आदेश। इनसेट में पंडित धीरेंद्र शास्त्री

HighLights

  1. पंडित धीरेंद्र शास्त्री के विरुद्ध अशोभनीय टिप्पणी की होगी जांच
  2. हाई कोर्ट ने देश में लागू नए कानून के तहत दिया पहला आदेश
  3. जांच के बाद संज्ञेय अपराध मिलने पर FIR दर्ज करने के निर्देश

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर : देश में एक जुलाई से लागू हुए तीन नए कानूनों के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनके प्रकाश में पहला आदेश पारित किया है। इसके अंतर्गत एक धर्मगुरु द्वारा अन्य धर्मगुरु व उनके परिवार पर अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए हैं।

नए कानून लागू होने के बाद यह पहला मामला

हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने नवीन नागरिक सुरक्षा संहिता की व्याख्या करते हुए पुलिस को निर्देश दिए कि जांच के बाद यदि संज्ञेय अपराध बनता है तो एफआइआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई करें। यदि संज्ञेय अपराध नहीं बनता है तो उसकी जानकारी शिकायतकर्ता को दें ताकि वह उचित फोरम की शरण ले सके। इस तरह साफ है कि नए कानून लागू होने के बाद यह पहला मामला है, जिसमें हाई कोर्ट ने कोई आदेश पारित किया है।

याचिकाकर्ता गोटेगांव, नरसिंहपुर निवासी अमीश तिवारी की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने गोटेगांव पुलिस में सात मई को शिकायत की थी कि दतिया निवासी धर्मगुरु गुरुशरण शर्मा तमाम साधु संतों के विरुद्ध टीका टिप्पणियां करते हैं और उन्हें इंटरनेट मीडिया के माध्यम से वायरल करते हैं।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर टिप्पणी

हाई कोर्ट को बताया गया कि गुरुशरण शर्मा ने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के संबंध में अनादरपूर्वक संबोधन किया, जिसमें अशोभनीय भाषा का उपयोग किया गया। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री व उनके परिवार के लोगों के संबंध में अशोभनीय व लज्जा भंग करने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इससे आहत होकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

भारतीय नागरिक संहिता की धारा 173 के तहत कार्रवाई

अधिवक्ता पंकज दुबे ने दलील दी कि नए कानून भारतीय नागरिक संहिता की धारा 173 के तहत पुलिस का यह दायित्व है कि शिकायत मिलने के 14 दिन के भीतर जांच करे। यदि अपराध असंज्ञेय है तो शिकायतकर्ता को उसकी सूचना दे। ऐसा नहीं होने पर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने नए कानून की व्याख्या करते हुए यह आदेश जारी किए।



Source link


Discover more from सच्चा दोस्त न्यूज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours

Leave a Reply