रासायनिक खाद का क्रय-विक्रय पीओएस मशीन से ही करें, ऑफलाईन वितरण न हो

कालबाजारी व जमाखोरी करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा – कलेक्टर श्री शर्मा 

किसानों को संतुलित मात्रा में खाद उपयोग करने की दे सलाह 

आगर-मालवा, रासायनिक खाद का क्रय-विक्रय पीओएस मशीन से ही करें, किसी भी परिस्थिति में खाद ऑफलाईन वितरण न हो। कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। उनके विरूद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। उक्त निर्देश कलेक्टर श्री अवधेश शर्मा ने शुक्रवार को सहकारिता संस्थाओं से संबंधित खाद वितरण एजेंसी एवं प्रायवेट डिलर्स का कार्य करने वाले व्यापारियों की बैठक के दौरान दिए।

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कलेक्टर ने भारत सरकार द्वारा आईएफएमएस पोर्टल पर दर्शित उर्वरकों का आवंटन अनुसार संस्थाओं एवं प्रायवेट डिलरों के यहां स्टॉक खाद का सत्यापन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने व्होलसेलर से संस्थाओं एवं प्रायवेट रिटेलरों को रिटेलर के रूप में प्राप्त होने वाले उर्वरक की समीक्षा कर निर्देश दिए कि पीओएस मशीन के माध्यम से व्होलसेलर से रासायनिक खाद प्राप्त होते ही इसका एग्नालॉजमेंट तत्काल क्लीयर कर लिया जाए एवं किसानों को विक्रय पीओएस मशीन एवं थम्ब मशीन के माध्यम से ही किया जाए।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री डीएस रणदा, उपायुक्त सहकारिता श्रीमती सुनीता गोठवाल, सहायक संचालक कृषि श्री वर्मा, केन्द्रीय सहकारी बैंक नोडल अधिकारी श्री सुरेश शर्मा, उप संचालक उद्यान श्री सुरेश राठौर, उप संचालक डॉ. एसव्ही कोसरवाल, सहायक संचालक मत्स्य व बैंक शाखाओं से संबंधित शाखा प्रबंधक, सुपरवाईजर व प्रशासक उपस्थित रहे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि रासायनिक खाद का ऑफलाईन वितरण नहीं किया जाए। शासन के निर्देशानुसार मात्र पीओएस मशीन से ही खाद का क्रय-विक्रय किया जाना है।

जिसके तहत् किसी भी व्होलसेलर एवं रिटेलर के पास पीओएस मशीन में प्रदर्शित खाद का स्टॉक भौतिक रूप से गोदाम पर पाया जाना आवश्यक है। क्रय एवं विक्रय करते समय यह पाबंदी रखी जाए कि पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक किसी भी समय अधिकृत अधिकारी द्वारा सत्यापित करते समय मिलान होना आवश्यक है। अगर किसी रिटेलर या व्होलसेलर के पास पीओएस मशीन के अनुसार स्टॉक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाकर खाद लायसेंस निरस्त किया जाएगा।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रायवेट व्यापारी एव सहकारी संस्थाएं संतुलित खाद का उपयोग करने संबंधी किसान को सलाह दे। आवश्यकतानुसार ही खाद की स्टॉक रखें, ताकि जिले की समस्त संस्थाओं में एवं क्षैत्रीय रिटेलर के यहां असंतुलन की स्थिति न बनें व क्षेत्र के समस्त किसानों को नियमानुसार पात्रतानुसार खाद उपलब्ध होता रहे। बैठक में सहकारी बैंक के उपस्थित शाखा प्रबंधकों एवं पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन संस्थाओं में उपलब्ध एवं वितरण खाद की समीक्षा की जाती  रहें, कही भी किसी संस्था में अव्यवस्था की स्थिति न बने, ऐसी व्यवस्था की जाए।

संस्थाओं के प्रशासकों को भी निर्देशित किया गया कि संस्था के कर्मचारियां पर पूर्ण नियंत्रण रखकर सीजन के दौरान संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले खाद वितरण पर सख्त निगरानी रखी जाए एवं किसानों में असंतोष न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने कहा कि प्रायवेट व्यापारियों पर सतत् निगरानी हेतु जिले की उपायुक्त सहकारिता को नोडल के रूप में नियुक्त किया गया है। जो किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के जिला अधिकारी, एसडीओ एवं एसएडीओ नोडल का सहयोग करते हुए जिले मे एक एक प्रायवेट रिटेलर व्यापारियों पर निगरानी बनाए रखें एवं स्टॉक का सत्यापन सतत् रूप से किया जाता रहे। 

इस प्रकार की व्यवस्था जिले में बनी रहें, ताकि किसानों को खाद प्राप्त होने में समस्या उत्पन्न न हो। बैठक में कलेक्टर ने जिला खाद्य अधिकारी एवं सहाकारी बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत् वितरित होने वाले खाद्यान्न को पात्र व्यक्ति को आवश्यक रूप से प्राप्त हो जाए। उन्होंने इस आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक कों निर्देशित किया कि खाद्यान्न उचित मूल्य दुकानों पर आवंटन हेतु समय पर भंडारित हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए एवं परिवहन की समुचित व्यवस्था की जाए।

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