बुलन बाजार लगेगा की नहीं संशय बरकरार

उज्जैन। कार्तिक मेला नहीं लगाने देने पर यहाँ के झूले वाले और दुकानदारों ने ज्ञापन दिया था तथा अनुमति की मांग की थी लेकिन प्रशासन ने गाईड लाईन का हवाला देकर स्पष्ट इंकार कर दिया था इस पर प्रभावित लोगों ने कहा था कि बुलन मार्केट लग रहा है और मसीह मंदिर परिसर पर भी एक मेला जैसा लगा हुआ है, क्या उन्हें अनुमति दी गई है।

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इस पर अधिकारी सतर्क हुए और अब बताया जा रहा है कि तिब्बत से आए ऊनी वस्त्र विक्रेताओं को नोटिस दिया जा रहा है। उनका मार्केट आगर रोड पर लगता है। प्रशासन को विवेक का परिचय देते हुए इन्हें अनुमति देना चाहिए। लकीर के फकीर बनकर आदेशों का पालन नहीं करना चाहिए।उल्लेखनीय है कि कोरोना की तीसरी लहर को संभावनाओं के बीच भले ही गत वर्ष के मुकाबले नवरात्रि तथा विजयादशमी पर्व को लेकर कुछ छूट दी गई थी

लेकिन इन दोनों स्यौहारों पर भी सार्वजनिक जगहों पर भौड़ लगाने की किसी को इजाजत नहीं दी गई थी। दशहरा आयोजन स्थलों पर रावण के पुतले जले लेकिन लोगों को ऑनलाईन के जरिए ही रावण दहन देखना पड़ा था। इसी तरह सार्वजनिक पंडालों में दुर्गा प्रतिमाओं को सौमित आकार के साथ विराजित करने तथा वहां केवल आयोजन समिति से जुड़े गिनती के लोगों को ही आरती और पूजन की अनुमति दी गई थी। कॉलोनियों तथा मोहल्लों में भी छोटी बच्चियों को बेहद सीमित संख्या में गरबा करने की गाईड लाईन जारी हुई थी। इसके साथ हो पूरी नवरात्रि में सभी प्रमुख देवी मंदिरों के पर पुलिस ने खड़े रहकर रात 10 बजते ही बंद कराए थे जहां गरने हो रहे थे वहां भी डीजे की आवाज भी 10 बजे बाद सुनाई देना बंद हो रही थी।

इधर इसके बाद कार्तिक मेला आयोजन को लेकर भी मेले में खाने-पीने तथा मनोरंजन झूले आदि की दुकान लगाने वाले व्यवसायियों ने 4 दिन पहले माँग की थी कि उन्हें इस बार मेले में दुकानें लगानी दो जाए। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने साफ कह दिया था कि जब तक राज्य शासन से विधिवत अनुमति नहीं मिलती तब तक वे कार्तिक मेले के आयोजन की लेकर कोई क्यान नहीं दे सकते। इसके विपरित चार दिन पहले आगर रोड स्थित नंदन वन परिसर में ती शरणार्थियों ने डेरा डालना शुरू कर दिया था। तिब्बतियों ने यहाँ आकर दुकानों के शेड लगाना भी शुरू कर दिए थे।

इसी तरह देवास रोड पर भी मसीही मंदिर परिसर में एक मेले का आयोजन कई दिनों से चल रहा है। इन दोनों आयोजनों को लेकर जिला प्रशासन के पास आपत्ति पहुंची है। आपत्ति इस बात पर है कि एक ओर शासन प्रशासन कोरोना गाडा का हवाला देते हुए परंपरागत कार्तिक मेले के आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा है दूसरी ओर तिब्बी कूलन मार्केट में उनसे कपड़ों की दुकानें तैयार करने लग गए हैं। यहाँ भी दुकानों के कारण भीड़ उमड़ेगी और कोरोना गाईड लाईन का उपन होगा। इसी तरह मसीही मंदिर परिसर में भी मेला चल रहा है जहाँ लोगों की भीड़ जुट रही है। इस पर एडीएम संतोष टैगोर ने कहा है कि दोनों जगह के आयोजकों को आज जिला प्रशासन की ओर नोटिस जारी किए जाएँगे तथा किया जाएगा कि बिना अनुमति के यह सब कैसे किया जा रहा है।

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