मांगे पूरी नहीं होने पर होगा चक्काजाम, धरना प्रदर्शन, आंदोलन

शिक्षकों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिखाया अपना दम

सरकार के झूठे वादे सैकड़ों बार आवेदन देने के बावजूद भी नहीं हुआ निराकरण

उज्जैन। सरकार के झूठे वादों के खिलाफ शिक्षकों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगे पूरी करवाने हेतु उज्जैन न्याय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। सरकार की नीतियों से नाराज अतिथि शिक्षक संघ एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका संघ जिला उज्जैन द्वारा 20 अक्टूबर को चरक भवन के सामने सामाजिक न्याय परिसर पर धरना आंदोलन किया गया।

उक्त विषय में प्रदेश कार्य समिति सदस्य अतिथि शिक्षक संघ तूफान शर्मा व मध्यप्रदेश आगनवाड़ी सहायिका संघ की जिला अध्यक्ष उन्नती तोमर ने संयुक्त रूप से बताया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) 30 जुलाई 2018 के अनुसार विज्ञप्ति जारी हुई थी, जो कि मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवकों को रोजगार देने की मंशा से विज्ञप्ति जारी की गई थी। परंतु पक्ष और विपक्ष के बीच में झूलती हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा में परीक्षा पूर्ण होने के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अनेकों बार नियमावली में छेड़खानी करते हुए ऐसे नियम बना दिए कि मध्य प्रदेश के विगत 15 वर्षों से कार्यरत अतिथि  शिक्षकों को कार्यमुक्त करके मध्य प्रदेश से बाहर के 50 से 60 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन शिक्षक भर्ती में कर लिया गया।

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12 मई 2017 आयु संबंधित सामान्य प्रशासन के नियम को आधार मानकर शिक्षक पात्रता परीक्षा ली गई थी, परंतु परीक्षा अवधि पूर्ण होने के बाद जुलाई 2019 को आयु संबंधित संशोधन किस आंदोलन की मांग पर किया गया या किस विधायक महोदय के विधानसभा प्रश्न को आधार बनाकर किया गया। यह असंवैधानिक कार्य निश्चित ही व्यापम घोटाले से बड़े घोटाले की ओर संकेत करता है। अत: शासन प्रशासन से शोषित पीड़ित मध्य प्रदेश का अतिथि शिक्षक आग्रह एवं निवेदन करता है कि उपरोक्त विषय पर विशेष चिंतन कर हमारे भविष्य को सुरक्षित करें अन्यथा जो धरना प्रदर्शन आज किया गया है

यह आगे चलकर बड़ा रूप धारण करेगा, जिसका परिणाम सरकार को भुगतना होगा। लगातार प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मौखिक देकर हमें प्रताड़ित किया जा रहा है। विगत 2 वर्षों से देश पर आया कोविड-19 संकट को भी हमने कुशलतापूर्वक विफल करने का प्रयास कोरोना योद्धा की प्रथम पंक्ति में खड़े होकर किया है। परंतु राज्य एवं भारत सरकार की घोषणा अनुसार प्रोत्साहन राशि हमें आज तक प्राप्त नहीं हुई। हमारा आंगनवाड़ी समय सुबह 9 से 4 बजे रहता है परंतु वर्तमान में हमारे कार्य का कोई भी निर्धारित समय सीमा नहीं है, जिसका हमारा संगठन घोर निंदा करता है।

हमें शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए एवं हम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय 20,000 तथा सहायिका 10,000 किया जाए। हमें आंगनवाड़ी के अलावा खाद्य विभाग, बीएलओ, कोरोना सर्वे, वैक्सीनेशन में ड्यूटी सहित अन्य विभागों के कार्य पर महिला कर्मचारियों को काम पर लगा दिया जाता है। हम सिर्फ महिला बाल विकास में कार्य करेंगे।

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