किसानों ने तौल को लेकर उठाए सवालछोटे तौल कांटों की जगह इलेक्ट्रॉनिक भरोसेमंद

उज्जैन। संभाग की सबसे बड़ी मंडी चिमनगंज में सोयाबीन की आवक बढ़ने लगे है। इसी बीच किसानों ने तौल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि छोटे तौल कांटों की जगह बड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटे ज्यादा भरोसेमंद हैं। इसी साल उपज ज्यादा तौलने के दो मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद मंडी समिति को भी कार्रवाई करना पड़ी थी। अब फिर से सीजन शुरू हो गया है।

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ऐसे में उपज का सही तौल मिलने के लिए किसानों ने बड़े तौल कांटे से तुलाई का आग्रह किया है। कृषि उपज मंडी में 250 छोटे तौल कांटे हैं। इनसे सोयाबीन की 90 किलो और गेहूं-चना की 95 किलो की बोरी का तौल किया जाता है। नीलामी शेड से बोली लगाने के बाद किसानों को उपज तुलाई के लिए संबंधित व्यापारी के तौल कांटे पर उपज लेकर जाना पड़ता है।

वहां उपज का तौल होने के बाद उन्हें जो पर्ची दी जाती है, उसके आधार पर भुगतान किया जाता है। किसान केशरसिंह पटेल का कहना है कि छोटे तौल कांटे से तुलवाई के वक्त किसानों की जरा सी नजर चूकने पर तौल कांटा संभालने वाले गड़बड़ी कर देते हैं। इससे मंडी के साथ समिति की छवि भी धूमिल होती है।

मंडी सचिव आश्विन सिन्हा के अनुसार किसान रमेशचंद्र गनावा (विजय) एक ट्राली सोयाबीन लेकर मंडी आया। किसान ने मंडी के बड़े इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे से उपज का वजन करवाया। उसके बाद नीलामी में फर्म खाटू श्याम ट्रेडर्स की ओर से विकास अग्रवाल ने उपज खरीदी। किसान जब उपज लेकर संबंधित फर्म पर पहुंचा तो वजन में 3.76 क्विंटल का अंतर आया।इसे लेकर किसान ने मंडी समिति कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई।

उसके आधार पर मंडी समिति के कर्मचारियों ने संबंधित फर्म का पंचनामा बनाया। संचालक विकास अग्रवाल और तौल के प्रभारी मुकादम कैलाश मीणा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया था। दो दिन में संतोष जनक जवाब नहीं देने पर मंडी समिति की ओर से दोनों के खिलाफ चिमनगंज थाने में एफआईआर के लिए आवेदन दिया है।

16 जून को रंथभंवर के किसान राधाकृष्ण गुप्ता और छाया गुप्ता सोयाबीन बेचने के लिए मंडी आए थे। नीलामी में व्यापारी सरदारमल समरथमल कोठारी ने उपज खरीदी। किसान ने फर्म के तौल कांटे पर जाने से पहले मंडी परिसर में स्थित राधा माधव तौल कांटा पर वाहन का वजन करवाया था। उसके आधार पर 98.25 और दूसरे वाहन का 84.80 क्विंटल वजन आया।

इसके बाद फर्म के तौल कांटे पर तुलावटी ने तौल किया। किसान को जो पर्ची दी उसमें 96.68 और दूसरे वाहन का तौल 83.47 क्विंटल बताया। ऐसे में पहले वाहन के तौल में 1.57 क्विंटल और दूसरे वाहन के तौल में 1.33 क्विंटल का अंतर आया। किसान को व्यापारी सरदारमल समरथमल से अधिक तौली गई उपज 2.90 क्विंटल की राशि भुगतान करवाई।

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