रसूले खुदा की आमद को लेकर हरे झंडों से सजा शहर, कोरोना के चलते मोहल्ला स्तर पर मनाया जाएगा पर्व

– सजावट करते युवा।

शाजापुर। ईदों की ईद मिलादुन्नबी की तैयारियों को लेकर आशिके रसूल जश्न में डूबे नजर आ रहे हैं और आमद-ए-रसूल को लेकर चौक-चौराहों के साथ ही मुस्लिम इलाकों को सब्ज रंग के झंडों और आकर्षक सतरंगी लिग्गियों से सजा दिया गया है। रसूले खुदा की पैदाईश का जश्न मुस्लिम समाजनों पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा।

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वहीं इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शहर में जुलूस नही निकाला जाएगा, लेकिन गाईड लाइन का पालन करते हुए मोहल्ला स्तर पर पर्व मनाया जाएगा। मुस्लिम त्यौहार कमेटी के जिलाध्यक्ष सज्जाद अहमद कुरैशी ने बताया कि मजहबे इस्लाम में 12 रबीउल अव्वल वह महत्वपूर्ण तारीख है, जिसमें सरकारे मदीना रसूले खुदा की पैदाइश हुई। हुजूर की पैदाइश के इसी दिन को आशिकाने रसूल ईदों की ईद मिलादुन्नबी के रूप में हर साल पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। वहीं इस वर्ष मंगलवार को मुस्लिम समाज मिलादुन्नबी का जश्न मनाएगा, इसको लेकर सोमवार को शहर के मुस्लिम इलाकों में आकर्षक
साज-सज्जा की गई।

आज दिखेगा मोहब्बत का जज्बा

गौरतलब है कि मुस्लिम कैलेंडर के तहत रबीउल अव्वल की शुरूआत होते ही मुस्लिम समाज के लोग 12 रबीउल अव्वल पर रहमतुल्लिल आलमीन की पैदाइश के जश्न को लेकर पूरी अकीदत के साथ तैयारियों में जुट गए थे। रसूले खुदा की आमद को लेकर मुस्लिम इलाकों को सजाने का दौर भी शुरू हो गया था जो सोमवार शाम को पूरा हुआ। इस दौरान गलियों और घरों पर हरे झंडे लगाने के साथ ही चमक चांदनी वाली झालरे भी लगाई गईग। वहीं आज मंगलवार को मोहल्ला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में आशिकों में पैगंबर साहब से मोहब्बत का जज्बा दिखाई देगा। इसीके साथ ही मस्जिदों और घरों में मिलाद, कुरआन ख्वानी का आयोजन भी किया जाएगा।

कलेक्टर ने की अपील, घरों और गली, मोहल्लों के अंदर रहकर ही मनाएं पर्व

कलेक्टर दिनेश जैन ने सभी जिलावासियों को 19 अक्टूबर को मनाएं जाने वाले ईद-मिलाद उन नबी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही उन्होने कहा है कि शासन के निर्देशानुसार एवं कोरोना वायरस से स्वास्थ्य सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए पावन पर्व को अपने घरों, गली और मोहल्लों के अंदर रहकर ही मनाएं। इस दौरान मुख्य मार्गों पर किसी भी प्रकार के जुलूस आदि निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि राज्य शासन द्वारा किसी भी प्रकार के जुलूस की अनुमति नहीं दी गई है।

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