RNI N. MPHIN/2013/52360; प्रधान संपादक - विनायक अशोक लुनिया

नियमित जलापूर्ति नही होने आमजन परेशान

इस तरह पानी लाने को मजबूर रहवासी और बारिश में लबालब कुएँ व तलाब भरा होने के बाद भी पानी के लिए परेशान कुछ मोहल्ले के रहवासियों।

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दैनिक राशिफल दिनांक 13 जुलाई (बुधवार) 2022 https://sachchadost.in/archives/93913

तनोडिया। आगर जिले की सबसे बडी ग्राम पंचायत तनोडिया है,जिसकी आबादी दस हजार के करीब है। पिछले 25 सालों में जलसंकट से मुक्ति के नाम पर करोडों रुपये खर्च हो चुके है।लेकिन फिर भी नगरवासियों को जलसंकट से मुक्ति नही मिल पाई है। पानी के लिए यहां वहां भटक रहे है। नगर में कुछ मोहल्ले में आज भी त्योहार के समय भी 3 – 4 दिन छोडकर जल प्रदाय की व्यवस्था ग्राम पंचायत ने बना रखी है। कई वार्ड के नागरीकों का कहना है कि उन्हें 4 दिन छोडकर  पानी नही मिल रहा है।

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जिससे पानी की पुर्ती नही हो पा रही है। इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन को अवगत करवाया गया लेकिन निदान अभी तक नही हुआ। नागरिकों ने बताया कि पिछले 3 – 4 दिनों से जल प्रदाय नही हो रहा है। यदि नलों में 4 दिनों में पानी आया भी तो मात्र 10 मिनिट देकर बंद कर देते है।शनिवार को नल में पानी आया तो मात्र 4 – 5 कुपी भी नही भर पाई। इससे नागरिक पानी के लिए परेशान हो रहे है। तो बडे लोग तो नीजी टेंकर से पानी खरीद कर पी रहे है, तो गरीब लोग एक कि.मी. दुर से कुए से पानी लाने को मजबूर है। और मजदूर लोगों को पानी भरना पड रहा है। जो लेट हो जाने के कारण मजदूरी नही जा पा रहे है।

वह आज हाथ पर दो कुपी पानी के भरकर पानी लाने को मजबूर है। पानी पिने के लिए नीजी पानी के टेंकर से खरीदकर पी रहे है।लेकिन वो भी कम आ रहे है। वर्तमान में पेयजल आपुर्ति के दो स्त्रोत में से पहला झेरा है,उसमें भी पर्याप्त पानी भरा हुआ है। अन्य स्त्रोत है। उसमें में भी पर्याप्त लबालब बडे तलाब भरा हुआ है। तलाब के पास स्थित शासकीय कुआं है।वो भी लबालब भरा हुआ है। जो कि पर्याप्त है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक नल कर्मचारी की लापरवाही की वजह से रहवासियों परेशान है। इसके बाद नगरवासियों को नगर में चलने वाला निजी टैंकर ही एक साहरा है।

इसकी चितां न तो  स्थानीय पंचायत कर रही है। न जिला प्रशासन। जिम्मेदारों व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते आमजन जलसंकट से जुझने को मजबूर है। ऐसे में कुछ मोहल्ले की जनता भगवान भरोसे है। जनप्रतिनिधियों तो सिर्फ चुनाव के समय वादों की गठरी आम जनता के सिर पर रखने वाले आज कहा गए। आम जनता सवाल पुछ रही है,आखिर जवाबदार क्यों मौन ? जब इस संबंध में स्थानीय वार्ड के पंच,जनप्रतिनिधि एवं सरपंच व सचिव एवं अन्य पंचायत कर्मियों से इस संबंध में चर्चा की जाती है,तो भी समस्या हल नही हो पा रही है।जनप्रतिनिधियों की उदासीनता और जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा नगरवासियों भुगत रहे है। 

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