इंदौरी बदमाशों की गैंग ,चेन झपट हो जाती थीं फरार

काका से बाईक मांग कर आता था, वारदात के बाद भाग जाते थे

फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू की।

छह सदस्यीय गैंग है जो चेन स्नेचिंग की घटनाएं कई महीने से करती आ रही

उज्जैन। शहर अचानक चेनस्नेचर महिलाओं के गले से चेन झपटकर भाग रहे थे। दशहरा मैदान पर हुई घटना के सीसीटीवी कैमरे में चेनस्नेचर कैद हुआ तो पुलिस ने फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू की। पहले सौ से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की लेकिन नतीजा शिफर ही रहा। इस बीच एक जानकारी सामने आई कि इंदौरी बदमाशो सहित उज्जैन के एक बदमाश की मदद से घटना को अंजाम देकर निकल जाता है।

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पुलिस ने इंदौरी बदमाश सहित हीरामिल की चाल में रहने वाले एक युवक को भी हिरासत में लिया है।चेन स्नेचिंग की कई वारदातें करने वाले इंदौर आईटीआई ग्राउंड के समीप रहने वाले हिस्ट्रीशीटर ने पूरी गैंग बना रखी थी। इसमें इंदौर के बदमाशों के अलावा उज्जैन के भी दो सहयोगी पता चले हैं। छह सदस्यीय गैंग है जो चेन स्नेचिंग की घटनाएं कई महीने से करती आ रही थी। पुलिस ने चार बदमाश हिरासत में ले लिए, जिनसे कई वारदातें खुलेंगी।

इंदौर निवासी हिस्ट्रीशीटर जिस बाइक से वारदात करता था, वह उज्जैन के हीरामिल में रहने वाले महेंद्र ने अपने इंदौर निवासी जीजा, जो टेलर है, उसको फाइनेंस कराई थी। हिस्ट्रीशीटर इंदौर वाले जीजा का भतीजा है जो उससे बाइक मांगकर उज्जैन आता और वारदात कर निकल जाता था।

पुलिस को हीरामिल की चाल से इंदौर तक की चेन पता चल गई। इसके बाद  पुलिस ने चार बदमाशों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए सभी बदमाश इंदौर के बताए जा रहे हैं, जबकि उज्जैन निवासी साथियों की धरपकड़ में टीम लगा रखी है। बदमाश फिर से वारदात न कर पाए इसलिए पुलिस पूरी गैंग का खुलासा करेगी। आठ से अधिक वारदातों के उजागर होने की संभावना जताई जा रही है। एएसपी डॉ रवींद्र वर्मा शहर से दूर थाने में बदमाशों से दो दिन से पूछताछ कर रहे हैं।

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अधिकांश बदमाशों के आपराधिक रिकाॅर्ड है। पकड़ाया हिस्ट्रीशीटर तो नशे का आदी है और इसीलिए वारदात करता था। उसके साथ अन्य बाइक से बदमाश आते जरूर लेकिन वारदात में उज्जैन पासिंग बाइक का ही उपयोग करते। पहले कुछ साथी रैकी करते। फिर इशारा मिलते ही चेन तोड़ भाग निकलते।

थोड़ी दूर जाने के बाद बाइक बदल लेते व कपड़े भी चेंज कर लिए जाते थे। पुलिस टीम अब यह पता लगाने में जुटी हुई है कि जुलाई के पहले भी हुई घटनाओं में यही गैंग तो नहीं लिप्त है। एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने सिर्फ इतना ही कहा कि सुराग मिल गए हैं और सफलता की तरफ अग्रसर भी है लेकिन पचास प्रतिशत काम बाकी है। पूरी गैंग का पर्दाफाश करेंगे।

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