दशहरा मैदान और दत्त अखाड़ा पर हुआ रावण दहन

रावण दहन में कोरोना गाइडलाइन के चलते लोगों और जनसमूह का आना प्रतिबंधित था।

कोरोना गाईड लाईन नियमों के तहत प्रतिकात्मक रूप से परम्परा का निर्वाहन किया करते हुए रावण का दहन किया गया।

उज्जैन : विजयादशमी पर्व पर बुराई के प्रतीक रावण दहन का कार्यक्रम शहर के दो प्रमुख स्थानों पर किया गया। जहां दशहरा मैदान पर स्व. लाला अमरनाथ की स्मृति में 25 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया, वहीं कार्तिक मेला प्रांगण में स्व. प्रेमनारायण यादव स्मृति में विजयादशमी महोत्सव समिति द्वारा 11 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया।

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शहर के प्राचीनतम दशहरा उत्सव का यह 58वां वर्ष है और दशहरा मैदान पर स्व. लाला अमरनाथ स्मृति दशहरा महोत्सव प्रतीकात्मक रूप से आयोजित किया गया। दशहरा मैदान  रावण दहन में कोरोना गाइडलाइन के चलते लोगों और जनसमूह का आना प्रतिबंधित था।
दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष ओम अमरनाथ खत्री ने बताया कि भगवान श्री राम-लक्ष्मण की सवारी दशहरा मैदान पहुंची, जिसका पूजन कलेक्टर आशीषसिंह एवं पुलिस अधीक्षक सत्येंद्रकुमार शुक्ल द्वारा किया गया। 

स्व. प्रेमनारायण यादव की स्मृति में विजयादशमी महोत्सव समिति के सचिव चेतन प्रेमनारायण यादव ने बताया कि दत्त अखाड़ा स्थित कार्तिक मेला प्रांगण पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण दहन किया गया। कोरोना गाईड लाईन नियमों के तहत प्रतिकात्मक रूप से परम्परा का निर्वाहन किया करते हुए रावण का दहन किया गया।

भगवान श्रीराम लक्ष्मण की सवारी व देवगुरु बृहस्पति महाराज की पालकी का पूजन परम्परानुसार संभागायुक्त संदीप यादव एवं नगर निगम के आयुक्त अंशुल गुप्ता ने किया। पूजन विधि पंडित आशीष गुरु द्वारा सम्पन्न करवाया गया। उल्लेखनीय है कि पं. आन्नदशंकर व्यास एवं स्वं पं. राधेश्याम उपाध्याय की प्रेरणा से उपमहापौर स्व. प्रेमनारायण यादव समिति के सदस्यों द्वारा वर्ष 1983 से इस आयोजन को निरंतर किया जा रहा है।

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