पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद सोमवार को व्यापक पैमाने पर हिंसा देखने को मिली जिसमें कथित तौर पर झड़प और दुकानों को लूटे जाने के दौरान कई भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई


कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal Assembly election 2021) में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद हिंसा का दौर जारी है. सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ता हमले कर रहे हैं. पार्टी ने दावा किया कि उसके 5 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की इस हिंसा में मौत हो गई. भाजपा के बाद अब वामदलों ने भी ऐसा ही दावा किया है. एक ट्वीट में, सीताराम येचुरी ने लिखा: ‘क्या बंगाल में हिंसा की रिपोट्, इनके विजय का उत्सव है? यह निंदनीय है. इसका विरोध होना चाहिए. कोरोना संक्रमण का मुकाबला करने के बजाए टीएमसी इन कामों में लिप्त है. सीपीआईएम हमेशा लोगों की मदद करने के लिए मौजूद है.’ व्यापक पैमाने पर हिंसा देखने को मिली गौरतलब है कि राज्य में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद सोमवार को व्यापक पैमाने पर हिंसा देखने को मिली जिसमें कथित तौर पर झड़प और दुकानों को लूटे जाने के दौरान कई भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई तो कई घायल हो गए. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले की घटना में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है.भाजपा ने एक पार्टी कार्यालय में कथित आगजनी का वीडियो साझा किया है जिसमें बांस की बल्लियां और छत जलती हुई नजर आ रही है तथा परेशान लोगों को चिल्लाते हुए भागते देखा जा सकता है. सोशल मीडिया पर मृत व्यक्तियों की तस्वीरें और एक दुकान से कपड़े लूट कर भागते लोगों की फुटेज वायरल हो रही है. भाजपा का दावा है कि उसके कम से कम छह कार्यकर्ता और समर्थक हमलों में मारे गए हैं जिनमें एक महिला भी शामिल है. भाजपा इसका आरोप तृणमूल पर लगा रही है. भाजपा ने पत्रकारों के साथ एक वीडियो साझा किया है जिसमें नंदीग्राम में पार्टी दफ्तर में हुई तोड़फोड़ को दिखाया गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हार गई थीं.

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मांगी रिपोर्ट राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने प्रदेश के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को तलब कर उन्हें शांति बहाल करने के निर्देश दिये. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी के एक दिन बाद हुई इन घटनाओं के बाद की स्थिति पर अफसरों से चर्चा की. धनखड़ ने गृह सचिव एक के द्विवेदी से मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘राज्य में चुनाव के बाद हिंसा की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर मैंने एसीएस गृह को तलब किया था और उन्हें चुनाव बाद हुई राज्य में हुई हिंसा व तोड़फोड़ तथा उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट देने को कहा गया है.’ उन्होंने अलग से राज्य के पुलिस महानिदेशक पी नीरजनयन और पुलिस आयुक्त सोमेन मित्र से मुलाकात की और उन्हें कानून-व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल के डीजीपी और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को चुनाव बाद आगजनी, लूटपाट और हिंसा में लोगों की जान जाने के बढ़ते मामलों पर तलब किया था. उनसे कानून-व्यवस्था बहाल करने केलिये सभी कदम उठाने को कहा गया है.’ एक प्रवक्ता ने कहा, ‘गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य में विपक्षी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निशाना बनाकर की जा रही हिंसा पर एक रिपोर्ट मांगी है.’ इस बीच ममता बनर्जी ने समर्थकों से शांति बरकरार रखने और उकसावे के झांसे में नहीं आने की अपील की है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने चुनाव के दौरान तृणमूल समर्थकों के साथ कई ज्यादतियां कीं.





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