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जुड़वा भाइयों के अपहरण और हत्या के मामले में पांचों आरोपित दोषी करार,

चित्रकूट, सतना । चित्रकूट में देश के बहुचर्चित जुड़वा भाई श्रेयांश और प्रियांश का स्कूल बस से अपहरण करके हत्या के मामले में फैसले की घड़ी आ गई है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पांचाें आरोपितों को दोषी करार दिया है। थोड़ी देर में सजा का एलान होगा। इस फैसले को लेकर एमपी यूपी के लोगों को बेसब्री से इंतजार था।

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दैनिक राशिफल दिनांक 13 जुलाई (बुधवार) 2022 https://sachchadost.in/archives/93913

ज्ञात हो कि जेल में बंद आरोपितों में एक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी, जबकि बाकी की सजा पर फैसला आज होगा। इस मामले की सुनवाई सतना जिला के एंटी डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रदीप सिंह कुशवाहा की अदालत में होगी। लगभग 26 माह बाद इस बहुचर्चित मामले का फैसला आ रहा है।अतिरिक्त अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) धर्मेंद्र प्रताप सिंह और फरियादी तेल कारोबारी बृजेश रावत के अधिवक्ता रामरूप पटेल ने बताया कि अगर कोर्ट में अपराध सिद्ध पाया जाता है तो आरोपितों को अदालत से फांसी की सजा की मांग की जाएगी।

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यह था मामला: घटना 12 फरवरी 2019 को सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अंदर हुई थी। जब स्कूल बस से असलहा दिखाकर बदमाशों ने कर्वी कोतवाली की सीतापुर चौकी अंतर्गत रामघाट निवासी तेल व्यापारी बृजेश रावत के दो मासूम बेटे श्रेयांश और प्रियांश का अपहरण किया गया था। बदमाशों ने दोनों भाइयों की हत्या करने के बाद भी 20 लाख रुपये फिरौती वसूल ली थी। चार दिन बाद दोनों के शव उत्तर प्रदेश के बांदा जिला में यमुना नदी में मिले थे।

हत्याकांड में चित्रकूट के नयागांव थाने में पांच आरोपितों पदमकांत शुक्ला पुत्र रामकरण निवासी जानकीकुंड रघुवीर मंदिर के पास, राजू द्विवेदी पुत्र राकेश द्विवेदी निवासी भभुआ बांदा, आलोक उर्फ लकी तोमर पुत्र सत्येंद्र सिंह निवासी तेंदुरा बांदा, विक्रम जीत पुत्र प्रहलाद सिंह निवासी जमुई, बिहार और अपूर्व उर्फ पिटा यादव पुत्र रामनरेश मौदहा हमीरपुर के खिलाफ मामला दर्ज है। सभी आरोपित केंद्रीय जेल में बंद हैं, जबकि एक आरोपित रामकेश पुत्र रामचरण यादव निवासी चित्रकूट ने जेल में फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली थी। जब यह घटना हुई थी तो प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी। जिसके बाद सरकार की बड़ी आलोचना देशभर में हुई थी।

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