देश में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में म्यूकरमाइकोसिस के केस सामने आए हैं (फाइल फोटो)

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देश में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में म्यूकरमाइकोसिस के केस सामने आए हैं (फाइल फोटो)

Mucormycosis: एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ पी सरत चंद्र ने कहा कि फंगल इंफेक्शन कोई नई बात नहीं है. लेकिन ये कभी भी महामारी के अनुपात में नहीं हुआ.

नई दिल्ली. कोविड-19, डायबिटीज और स्टेरॉयड्स इन तीनों की तिकड़ी के चलते देश में भर में अब म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) का प्रसार तेजी से फैल रहा है. लेकिन भारत लंबे समय से इस ब्लैक फंगस (Black Fugus) संक्रमण के लिए दुनिया का सबसे खराब हॉटस्पॉट रहा है. कोलकाता के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ एके सिंह ने मुंबई के डॉ शशांक जोशी और दिल्ली के डॉक्टर अनूप मिश्रा के साथ देश में म्यूकोरमाइकोसिस में “वृद्धि” के कारणों पर पब्लिश किए गए एक पेपर में कहा, “म्यूकोरमाइकोसिस एक असामान्य फंगल इंफेक्शन है, हालांकि भारत में कोविड से पहले भी दुनिया में म्यूकोरमाइकोसिस के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे.” डॉ जोशी के अनुसार, जहां एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, म्यूकोरमाइकोसिस से पीड़ित मधुमेह के रोगियों को दो महीने में एक बार देख रहे थे, वहीं कोविड-19 महामारी ने इसे बदल दिया. कोविड -19 पर महाराष्ट्र सरकार के टास्क फोर्स के सदस्य डॉ जोशी ने कहा कि “अब डॉक्टर एक दिन में कई बार ये मामले देखे जा रहे हैं. इन मामलों में हो रही बढ़ोतरी चिंता का कारण है.” इन कारणों से भी हो सकता है इंफेक्शन डॉ सिंह ने कहा “कोविड से पहले कम प्रतिरक्षा, स्टेरॉयड का उपयोग और म्यूकोरमइकोसिस के साथ डायबिटीज अच्छी तरह से जाने जाते थे. यह संभावना है कि कोविड से कम हुई प्रतिरक्षा आग में घी का काम कर रही है.” रक्त में आयरन का बढ़ा हुआ स्तर, श्वेत रक्त कोशिकाओं की गतिविधि में कमी और खराब ऑक्सीजन स्वच्छता (उदाहरण के लिए, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स में आसुत जल का उपयोग नहीं करना) भी इसमें भूमिका निभाते हैं.डॉ मिश्रा ने कहा कि म्यूकोरमाइकोसिस का वैश्विक प्रसार प्रति दस लाख जनसंख्या के बीच 0.005 और 1.7 के बीच होता है, लेकिन भारत में इसका प्रसार लगभग 80 गुना अधिक (0.14 प्रति 1,000) है. “दूसरे शब्दों में, भारत में दुनिया में म्यूकोरमाइकोसिस के सबसे अधिक मामले हैं.”  भारत को दुनिया की मधुमेह राजधानी माना जाता है, इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि यहां म्यूकोरमाइकोसिस के मामले भी सबसे ज्यादा हैं.

नई बात नहीं फंगल इंफेक्शन
एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ पी सरत चंद्र ने कहा कि फंगल इंफेक्शन कोई नई बात नहीं है. लेकिन ये कभी भी महामारी के अनुपात में नहीं हुआ. हमें इसका बिल्कुल सही कारण नहीं मालूम है कि ये महामारी के अनुपात में क्यों फैल रहा है. लेकिन हमारे पास यह मानने की वजह है कि इसके कई कारण हो सकते हैं.







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