सांसदों, विधायकों और राजनीतिक मुद्दों से जुड़ी समिति के सदस्यों ने विपक्ष के नेता समेत कांग्रेस नेतृत्व में सुधार की मांग की है. (पीटीआई फाइल फोटो)

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सांसदों, विधायकों और राजनीतिक मुद्दों से जुड़ी समिति के सदस्यों ने विपक्ष के नेता समेत कांग्रेस नेतृत्व में सुधार की मांग की है. (पीटीआई फाइल फोटो)

Kerala Congress: विधायकों की गिनती के आधार पर देखें, तो वर्तमान विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला (Ramesh Chennithala) को बढ़त हासिल हो सकती है. इसके अलावा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चंडी का खेमा भी उनकी समर्थन कर रहा है.

तिरुवनंतपुरम. हाल ही में संपन्न हुए केरल विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Election) में शर्मनाक हार के बाद राज्य में कांग्रेस (Congress) में फूट पड़ती नजर आ रही है. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कई नेताओं ने राज्य में नेतृत्व स्तर पर सुधार की मांग की है. बीते गुरुवार को ही दोबारा सत्ता हासिल करने वाले पिनराई विजयन के नए कैबिनेट सदस्यों ने शपथ ली. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बड़ी संख्या में सांसदों, विधायकों और राजनीतिक मुद्दों से जुड़ी समिति के सदस्यों ने विपक्ष के नेता समेत कांग्रेस नेतृत्व में सुधार की मांग की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बात की जानकारी चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ हुई आमने-सामने की बैठक के जरिए राजधानी दिल्ली में मौजूद कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंचा दी गई है. यह भी पढ़ें: स्टालिन ने मांगी राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई, नाराज हुई तमिलनाडु कांग्रेस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि विधायकों की गिनती के आधार पर देखें, तो वर्तमान विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला को बढ़त हासिल हो सकती है. इसके अलावा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चंडी का खेमा भी उनका समर्थन कर रहा है. हालांकि, उनके पक्ष में दो विरोधी दलों के साथ आने के बाद भी 65 वर्षीय चेन्नीथला को पूर्ण समर्थन हासिल नहीं है. बीते दो मई को घोषित हुए नतीजों के बाद वाम दल ने राज्य में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. पार्टी ने 40 साल पुराने सत्ता परिवर्तन के क्रम को तोड़ते हुए सत्ता में दोबारा वापसी की थी.

राज्य कांग्रेस में बदलाव की बात कर रहे लोग की तरफ से विपक्ष के नेता के लिए 56 साल के वीडी सतीशन का समर्थन किया जा रहा है. सतीशन लगातार पांच बार विधायक चुनाव जीते हैं. अगर सीयासी करियर की तरफ देखें, तो सतीशन ने भी चेन्नीथला की तरह केरल स्टूडेंट यूनियन के जरिए ही कांग्रेस में बढ़त हासिल की थी. रिपोर्ट के अनुसार, सतीशन, चेन्नीथला से जुड़े एक समूह का हिस्सा रहे हैं, लेकिन बीते दो सालों में वे कांग्रे में खुद को गुटबाजी से दूर रखे हुए हैं.







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