पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एलियंस से जुड़ी चीजें देखने का दावा एक टीवी शो में किया- सांकेतिक फोटो (Photo- news18 English via Pinterest)

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पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एलियंस से जुड़ी चीजें देखने का दावा एक टीवी शो में किया- सांकेतिक फोटो (Photo- news18 English via Pinterest)

अमेरिका में एक बार फिर एलियंस (aliens in America) का हल्ला है. दरअसल पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा (former US President Barack Obama) ने दावा किया कि वे अज्ञात उड़ती वस्तु (UFO) देख चुके हैं. इसके बाद से वहां के एरिया-51 नाम जगह की चर्चा है, जहां कथित तौर पर एलियंस हैं.

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एलियंस (Barack Obama on aliens) से जुड़ी चीजें देखने का भी दावा एक टीवी शो में किया. इससे कुछ समय पहले ही अमेरिकन नेवी के पूर्व लेफ्टिनेंट रायन ग्रेव्स ने भी मिलता-जुलता दावा किया था. वैसे अमेरिका से एलियंस को देखने के दावे नए नहीं. ये भी माना जाता है कि इस बेहद शक्तिशाली देश ने प्रयोग के लिए नेवादा के एरिया-51 में एलियंस को कैद कर रखा है. पचास के दशक से है चर्चा  एलियंस के होने पर लगातार यकीन और खोज करने वाले अमेरिका में साल 1950 से ही कहा जाने लगा कि एरिया-51 में एलियंस रहते हैं. इसकी वजह थी, जहां कंटीली बाड़ों के बीच रात-बेरात उड़ने विमानों की चमक दिखाई देना. जून 1959 में पहली बार ये बात मीडिया में आई कि नेवादा के आसपास के लोग हरी चमक के साथ कुछ रहस्यमयी चीजों को उड़ता देख चुके हैं.

UFO and aliens in America

एलियंस के साथ अज्ञात उड़ती वस्तु (UFO) देखे जाने की बात भी अमेरिका से आती रहती है- सांकेतिक फोटो

रिपोर्ट के बाद आई ये थ्योरी  ये खबर Reno Gazette नामक शाम के अखबार में आई, जिसके बाद से लगातार मुख्य मीडिया में भी ऐसी बातें आने लगीं. माना जाने लगा कि यहां एलियंस को बंधक बनाकर रखा गया है और अमेरिकी वैज्ञानिक उनपर प्रयोग कर रहे हैं. चूंकि नेवादा के इस क्षेत्र में किसी को आने-जाने की इजाजत नहीं इसलिए बातें और बढ़ने लगीं. ये भी पढ़ें: Coronavirus: इलाज के वो तरीके, जो एकाएक होने लगे चलन से बाहर
क्या है असल में यहां साल 2013 में सीआईए ने पहली बार स्वीकारा कि ऐसी कोई जगह है. लेकिन एलियंस के होने के इनकार करते हुए उसने बताया कि ये अमेरिकी एयरफोर्स बेस है. नेवादा में एक सूखी हुई झील पर बसा ये क्षेत्र चारों से बिजली के तारों वाली कंटीली बाड़ों से घिरा है. सीमा पर जगह-जगह चेतावनी लगी हुई है कि भीतर आने की कोशिश खतरनाक हो सकती है. साथ ही हर जगह हथियारबंद जवान तैनात हैं, जो चौबीसों घंटे पहरा देते हैं. सुरक्षा के इंतजाम इतने पक्के हैं कि इस एरिया के ऊपर से विमानों को भी गुजरने की अनुमति नहीं. लगभग 3.7 किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र को हाल ही में सैटेलाइट से देखा जा सकता है वरना पहले ये भी नहीं था.

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कथित तौर पर अमेरिका ने प्रयोग के लिए एरिया-51 में एलियंस को कैद कर रखा है

मिलिट्री प्रैक्टिस होती है कथित तौर पर  बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस मिलिट्री ने बताया है कि ये लड़ाई के मैदान की नकल है, जहां अलग-अलग तरह के युद्ध की तैयारी और अभ्यास होता है. वैसे कथित तौर पर मिलिट्री प्रैक्टिस के लिए बने इस इलाके को दूसरे विश्व युद्ध के बाद शीत युद्ध के दौरान रूस पर नजर रखने के हिसाब से तैयार किया गया था. तब उसके पास एक विमान भी इसी मकसद से था, जिसे यू-2 विमान के नाम से जाना जाता था. बाद में हरी लाइटों और किसी रहस्यमयी विमान पर सीआईए ने कहा था कि लोग इसी विमान को देखते रहे होंगे जो पचास के दशक में दुनिया के किसी भी विमान से ज्यादा विकसित और अलग लगता था. ये भी पढ़ें: Explained: क्या कोरोना की तीसरी लहर का आना तय है, कितनी खतरनाक होगी ये?  विमान तैयार करने का काम भी होता है  अमेरिकन इंटेलिजेंस एजेंसी सीआईए के पहली बार इस एरिया के अस्तित्व की बाद के कुछ ही महीने बाद तत्कालीन प्रेसिडेंट बराक ओबामा ने भी इसके बारे में बात की थी. हालांकि तब भी सिर्फ इतना कहा गया कि ये मिलिट्री प्रैक्टिस से जुड़ा हुआ है. वैसे माना जाता है कि अमेरिकी सेना अत्याधुनिक विमानों को विकसित करने के लिए एरिया 51 का उपयोग करती है. इस काम के लिए यहां लगभग 1500 लोग तैनात हैं. ख्यात अमेरिकी खोजी पत्रकार एनी जैकबसन ने एरिया-51 के बारे में कई बातें कहकर तहलका मचा दिया था. बीबीसी को दिए अपने एक इंटरव्यू में इस पत्रकार ने माना कि इस जगह यूएस के बेहद खुफिया प्रोग्राम चलते होंगे.

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एरिया-51 के बारे में अब तक किसी को कुछ नहीं पता

एलियंस के होने के बारे में यहां कई कंस्पिरेसी थ्योरीज कहा जाता है कि साल 1947 में न्यू मैक्सिको के रॉसवेल में एलियनों का एक अंतरिक्ष यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उस यान और उसके पायलटों के शवों को यहां रखा गया है. इसपर अमेरिकी सरकार का कहना है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान मौसम की जानकारी देने वाला बलून था. कई लोग यहां एलियंस के रखे जाने की बात भी कहते हैं. यहां तक कि साल 1989 में रॉबर्ट लेजर नाम के एक व्यक्ति ने दावा किया था कि उसने एरिया 51 के अंदर एलियन तकनीक पर काम किया है. सच जानने के लिए चल चुका है अभियान भी  एरिया-51 के बारे में अब तक किसी को कुछ नहीं पता. साल 2019 में सोशल मीडिया पर एक मुहिम चली, जिसमें लोगों ने इस बारे में जानने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया. लगभग 1.5 मिलियन लोगों ने इसके लिए साइन किया. हालांकि वे कुछ कर नहीं सके क्योंकि अमेरिकी एयर फोर्स (USAF) ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि ये उनका ट्रेनिंग एरिया है और यहां पर किसी का भी दखल नहीं सहा जाएगा.







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