उमेश यादव को इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली टीम इंडिया में चुना गया है. उन्होंने अब तक 148 टेस्ट विकेट लिए हैं. (Instagram)

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उमेश यादव को इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली टीम इंडिया में चुना गया है. उन्होंने अब तक 148 टेस्ट विकेट लिए हैं. (Instagram)

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव(Umesh Yadav) ने कहा कि बतौर टीम इंग्लैंड में हमारी कोशिश वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप जीतने(World Test Championship) की होगी. मेरी नजर में ये वर्ल्ड कप जीतने जैसा है. उन्होंने हाल के सालों में टीम की कामयाबी का श्रेय कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली को दिया.

नई दिल्ली. बीते कुछ सालों में टीम इंडिया का तेज गेंदबाजी आक्रमण काफी मजबूत हुआ है. इसी कारण से आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग अटैक में से एक गिना जाता है. अगले कुछ महीनों में टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों की इंग्लैंड में अग्निपरीक्षा होनी है. ऐसे में भारतीय फैंस की अपने तेज गेंदबाजों से एक बार फिर बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी. इसमें उमेश यादव का भी अहम रोल रहेगा. वो भी बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी हैं. उन्होंने डब्ल्यूटीसी फाइनल को लेकर कहा कि बतौर टीम हम विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप जीतने की कोशिश करेंगे. मेरी नजर में ये वर्ल्ड कप जीतने के बराबर होगा. उमेश ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में डब्ल्यूटीसी के फाइनल की तैयारी, अपनी भूमिका और इंग्लैंड में गेंदबाजी करना कितना चुनौतीपूर्ण होगा के अलावा तमाम दूसरे मसलों पर खुलकर बात की. इस तेज गेंदबाज ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अभी केवल व्यक्तिगत शारीरिक फिटनेस और मानसिक रूप से मजबूत होने की तैयारी चल रही है. हम सभी सकारात्मक रहने की कोशिश कर रहे हैं और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलने की उम्मीद कर रहे हैं. हम सभी अब व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं. ताकि जब एक टीम के तौर पर एकजुट हों, तो और बेहतर कर सकें. उन्होंने आगे कहा कि मैं इशांत शर्मा और अजिंक्य रहाणे की इस बात से सहमत हूं कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल वर्ल्ड कप फाइनल की तरह है. एक खिलाड़ी के तौर पर जब हम टेस्ट मैच खेलते हैं. तो डब्ल्यूटीसी एक वर्ल्ड कप की तरह है. मुझे नहीं पता कि हम भविष्य में वनडे क्रिकेट खेलेंगे या नहीं. इसलिए एक टेस्ट खिलाड़ी के नाते डब्ल्यूटीसी वर्ल्ड कप जैसा है. मेरी भी यही सोच है. ये मुकाबला इसलिए भी बड़ा और अलग है. क्योंकि हम दुनिया की बेस्ट टीमों को हराकर यहां पहुंचे हैं. बायो-बबल में रहना बहुत मुश्किल: उमेश यादवबायो-बबल के भीतर जिंदगी कितनी चुनौतीपूर्ण है, इस सवाल के जवाब में उमेश ने कहा कि वाकई, बायो-बबल में रहना बहुत मुश्किल है. पहले 10-15 दिन तो अच्छे लगते हैं. लेकिन फिर ये थोड़ा थका देने वाला होने लगता है. क्योंकि आप एक सीमित क्षेत्र में एक ही स्थान पर होते हैं और आप उससे आगे नहीं जा सकते हैं. इसलिए मानसिक रूप से मजबूत होने के साथ ही खुद को तरोताजा रखना बहुत अहम है. ‘कोच और कप्तान कोहली ने मौजूदा टीम इंडिया को संवारा’ 48 टेस्ट में 148 विकेट लेने वाले इस तेज गेंदबाज ने कप्तान कोहली और कोच रवि शास्त्री की भूमिका पर भी खुलकर बात की. उमेश ने कहा कि विराट और रवि भाई ने टीम के साथ कड़ी मेहनत की है. जिस तरह से विराट ने कप्तानी की और टीम को संभाला है. वो वाकई शानदार है. कोच और कप्तान ने टीम को आजादी देने के साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ाया है. इसलिए एक गेंदबाज या बल्लेबाज के तौर पर जब भी आप खेलते हैं और आपको अपना खेल दिखाने की पूरी आजादी मिलती है तो इससे प्रदर्शन में निखार आता है.
यह भी पढ़ें:टीम इंडिया को ‘ढेर’ करने वाला गेंदबाज खाने के लिए तरसा, अश्विन ने की मदद की अपील WTC Final: सचिन-राहुल द्रविड़ से मिलकर बना है न्यूजीलैंड के इस क्रिकेटर का नाम बड़ी टीमों के खिलाफ जीतना हमेशा से खास रहा यह पूछे जाने पर कि क्या इंग्लैंड में सफलता आखिरी किला जीतने जैसी होगी पर उमेश ने कहा कि जब आप खेलना शुरू करते हैं, तो हमेशा सोचते हैं कि स्थिति कैसी भी हो, आपको पता होना चाहिए कि सबसे कठिन परिस्थितियों में भी कैसे जीतना है. मुझे लगता है कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ जीतना एक अच्छी यात्रा रही है. इसलिए आपको संतुष्टि की अनुभूति होती है और आप जानते हैं कि आपकी टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है और मुझे लगता है कि भारत पिछले पांच वर्षों से ऐसा कर रहा है.







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