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आशा, उषा, कार्यकर्ता तथा आशा सहयोगिनियों द्वारा मांगों को लेकर दिया ज्ञापन।

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दैनिक राशिफल दिनांक 13 जुलाई (बुधवार) 2022 https://sachchadost.in/archives/93913

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आशा उषा कार्यकर्ता महिलाएं उतरी सड़कों पर।

दिलीप पंचोली दैनिक चिरंतन खरगोन,

सोमवार को जिले में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया‌। जहां जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। वहीं महिला दिवस पर, आशा उषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, तथा स्वास्थ्य मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने बड़ी संख्या में रैली के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अभी करो अर्जेंट करो हमको परमानैंट करो हमारी मांगें पूरी करो नारि शक्ति जिंदाबाद शासन प्रशासन होस में आओ जैसे नारे लगाते हुए मांग कि गई ।

क्या है मांगें आशा कार्यकर्ता उषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनियों को नियमित करने व निर्धारित मानदेय दिया जावे। शासकीय प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली आशाओं को एएनएम में सम्मिलित किया जावे। आशा एवं उषा कार्यकर्ताओ को मासिक,18, हजार रुपए वेतन तथा आशा सहयोगिनियों को 24, हजार रु मानदेय दिया जावे। क्योंकि आशा कार्यकर्ता एवं सहयोगीनी, गांव में स्वास्थ्य सम्बंधी समस्त कार्य करतीं हैं । वहीं अन्य मांगें,जब तक आशा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनियों को स्वास्थ्य कर्मी के रूप में नियमित नहीं किया जाता। तब तक आशा उषा को कुशल व सहयोगीनी को उच्च कुशल का न्युनतम मानदेय दिया जावे।

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साथ ही प्रोत्साहन राशि में कांट छांट बंद कि जाकर पुरी राशि प्रत्येक माह में नियमित रूप से दि जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह पंजीयन से लेकर गर्भवती महिलाओं का प्रसव संस्थागत टीकाकरण, परिवार नियोजन, से लेकर गांव में समस्त सर्वे कार्य कि जिम्मेदारी आशा उषा तथा आशा सहयोगिनियों कि रहती है। जिसमें मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु, दर में कमी आई है ।मलेरिया टिवी जैसी बिमारियों में कमी आई है।

साथ ही कोराना जैसी वैश्विक महामारी में भी जान जोखिम में डालकर हमने जिम्मेदारी से सेवा देते हुए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ काम किया है। तथा अतिरिक्त ग्रामवासियों को स्वास्थ्य सेवाएं भी हमारे द्वारा प्रदाय की जाती रही है। संगठन जिला अध्यक्ष श्रीमति,रेखा रंसौरे ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि हमारे द्वारा कहीं बार ज्ञापन के माध्यम से मांगों को लेकर अवगत कराया जाता रहा है। किन्तु शिवराज मामा कोई ध्यान नहीं दे रहा है आज़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। तथा जिले में भी महिला कलेक्टर है हमें गर्व है।

हम सभी उन्हीं से मिलना चाहते हैं।और हमारी न्यायोचित मांगों पर विचार किया जाकर हमे हमारा हक़ दिया जाएं। आज़ अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। और यदि आज़ महिलाओं कि उचित मांगों पर नहीं ध्यान दिया जाता है। तो फिर महिला दिवस भी मनाने का कोई औचित्य नहीं है।

सरकार हमारी मांगों को पूरा करे अन्यथा आने वाले समय में हम सभी जिलों कि आशा कार्यकर्ता उषा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल करने। तथा काम बंद करने पर मजबुर होना पड़ेगा। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन कि रहेगी।

ज्ञापन के समय, जिला अध्यक्ष श्रीमति रेखा रंसौरे,रेखा समियर,क्षमा राठोड़, भागीरथी राठोड़, पुजा सोनी, रामकौर बड़ोले,कलावती सोलंकी,संगीता गायत्री कुमरावत, ग़ौरी पाटिदार,मंजु शाहु,पुजा जाट, ललिता पाटिल, वंदना शर्मा, पिंकी रावल,सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता उषा कार्यकर्ता तथा आशा सहयोगिनियों ने भाग लिया।

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