RNI N. MPHIN/2013/52360; प्रधान संपादक - विनायक अशोक लुनिया

हर क्षेत्र में महिलाओं ने बनाई अलग पहचानःडॉ रश्मि

गया।राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जीबीएम कॉलेज के अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापिका महिला समाजसेवी सह नारीवादी चिंतक डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने भारत कोकिला के नाम से चर्चित कवियत्री सरोजिनी नायडू की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित हुए कहा कि सरोजिनी नायडू स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ ही स्त्रियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली प्रमुख महिला थी। उन्हें नाइटेंगल ऑफ इंडिया और भारत कोकिला के नाम से भी जाना जाता है।उन्होंने औरतों को शिक्षा एवं समाज में उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाने, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए काफी संघर्ष किया। वे महिला अधिकारों की प्रबल समर्थक थी। यही कारण है कि राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए हमें सरोजिनी नायडू के योगदान को नहीं भुलाना चाहिए।

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दैनिक राशिफल दिनांक 13 जुलाई (बुधवार) 2022 https://sachchadost.in/archives/93913

उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी अलग पहचान बना रही है, अपना मुकाम खुद तय कर रही है।आज पूरी दुनिया की ज्यादातर महिलाएं पुरुषों पर निर्भर नहीं है।इसलिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ही वीमेंस डे मनाया जाता है,ताकि हर क्षेत्र में महिलाएं इसी तरह आगे बढ़ती रहें। घर, समाज, परिवार और यहां तक कि दुनिया बिना महिलाओं के संभव नहीं है। इसके बिना कोई भी कल्पना नहीं की जा सकती है।फिर भी सदियों तक इनके पर को बांधा रखा गया है। आज भी हैं, लेकिन पहले से हालात काफी बदले हैं।

लड़ाई अभी जारी है। जब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी महिलाओं से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों पर नकेल कसी जाये। उनके साथ हो रहे ज्यादातियों पर अंकुश लगाया जाए। तभी समाज का कल्याण संभव हो सकेगा। तभी राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का लक्ष्य भी परिपूर्ण होगा। इसके लिए महिलाओं को जागरूक होना होगा। शिक्षा प्राप्ति हेतु संघर्ष करना होगा।आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनना होगा। आत्म दीपो भवः की तर्ज पर अपने जीवन पथ का दीपक स्वयं बनकर आगे बढ़ना होगा असमानता शोषण और अन्याय के प्रति लड़ाई लड़ते रहनी होगी।

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