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पुलिस प्रशासन ने संभाली कमान, मगध कोल परियोजना के चमातु क्षेत्र में कोयले का उत्पादन व डिस्पैच हुआ शुरू ।

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दैनिक राशिफल दिनांक 13 जुलाई (बुधवार) 2022 https://sachchadost.in/archives/93913

कुंडी एवं देवलगड्डा का कार्य रहा ठप, हक अधिकार के लिए ग्रामीणों का सीसीएल प्रबंधन से टशन जारी

चतरा/टंडवा (झारखंड)। सीसीएल की मगध कोल परियोजना क्षेत्र में 11 सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार से आंदोलित रैयतों द्वारा मगध कोल परियोजना में पूर्ण रूप से कोयले का उत्पादन एवं डिस्पैच ठप किए जाने के बाद सीसीएल के करोड़ो रूपए के हुए नुकसान के बीच शनिवार को बालूमाथ पुलिस प्रशासन ने कमान संभालते हुए सीसीएल मगध कोल परियोजना क्षेत्र चमातु माइंस से कोयले का उत्पादन एवं डिस्पैच कार्य शुरू किया गया। वही कुंडी एवं देवलगड्डा क्षेत्र में उत्पादन एवं डिस्पैच शनिवार को भी ठप रहा।

उल्लेखनीय रहे कि बंदोबस्त भूमि के बदले मुआवजा समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन के साथ शुक्रवार से मगध कोल परियोजना का उत्पादन एवं डिस्पेच पुरी तरह ग्रामीणों द्वारा ठप करा दिया गया था। जिससे सीसीएल को शुरुआती दिनों में ही अनुमान के मुताबिक 50 हजार मीट्रिक टन का उत्पादन नही हो पाया। जिससे सीसीएल को पांच करोड़ रुपए का नुकसान बताया गया। वही ग्रामीणों की मांग तत्काल सामाधान करने में सीसीएल के अधिकारी वेबस दिखे। जिसके चलते ग्रामीणों से दो बार की हुई वार्ता में ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन को समय देना उचित नही समझा।

इस तरह सीसीएल अधिकारियों की तमाम मशक्कत भी काम नही आई। वही शनिवार को चमातु क्षेत्र जो मगध कोल परियोजना के अधीन है, जो लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में पड़ता है।

समस्या का त्वरित सामाधान में चाहते है ग्रामीण सीसीएल प्रबंधन पर नही है भरोसा

उल्लेखनीय रहे कि 11 सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण सीसीएल प्रबंधन से बंदोबस्त जमीन का मुआवजा समेत 11 सूत्री मांगों पर त्वरित सामाधान चाहते है। जिस पर सीसीएल प्रबंधन का रुख स्पष्ट नही है कि समस्याओ का सामाधान करने में मोहलत लगेगी। इस दौरान ग्रामीणों का सहयोग सीसीएल प्रबंधन मांग रही है। वही ग्रामीणों का भरोसा सीसीएल प्रबंधन पर नही है।

फोटो में : उत्पादन व डिस्पैच शुरू होने के बाद कोयला लेकर जाती हाइवा डंपर

झारखंड चतरा से विजय शर्मा की रिपोर्ट

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