कोरोना वैक्‍सीन लगवाने में महिलाएं पीछे, 1000 पुरुषों में 854 ने ही लगवाया टीका


कोरोना वैक्‍सीन लगवाने के मामले में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं काफी पीछे दिखाई पड़ रही हैं. (File pic)

महिलाओं के टीकाकरण (Vaccination) में कमी की बड़ी वजह उनका घर से बाहर न निकलना माना जा रहा है. इसके साथ ही महिलाएं ऑनलाइन अपने स्‍लॉट बुक करने में असमर्थ दिखाई पड़ रही हैं. बता दें कि कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के इस दौर में वैक्‍सीन (Vaccine) को ही सबसे बड़े हथियार के रूप में देखा जा रहा है.

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर (Corona Second Wave) भले ही कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हो लेकिन तीसरी लहर की आहट ने हर किसी की बेचैनी बढ़ा दी है. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के इस दौर में वैक्‍सीन (Vaccine) को ही सबसे बड़े हथियार के रूप में देखा जा रहा है. यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) खुद कई बार लोगों से ज्‍यादा से ज्‍यादा संख्‍या में वैक्‍सीन लगवाने की अपील कर चुके हैं. हालांकि सरकार के इस प्रयास के बीच कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) लगवाने में महिलाएं काफी पीछे दिखाई पड़ रही हैं. भारत में अभी तक जितने भी लोगों को वैक्‍सीन लगाई गई है उसमें 1000 पुरुषों में मात्र 854 महिलाएं शामिल हैं. इस कमी के पीछे काफी हद तक लिंगानुपात को भी जिम्‍मेदार ठेहराया जा रहा है.

कोरोना टीकाकरण अभियान में अधिकांश राज्‍यों में पुरुषों के मुकाबले कम महिलाएं कोरोना टीका लगवा रही हैं. केरल और छत्‍तीसगढ़ ही ऐसे राज्‍य हैं जहां पुरुषों से ज्‍यादा महिलाओं को टीका लगाया गया है. छत्तीसगढ़ में, वयस्क आबादी का लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 1,013 महिलाओं का है, लेकिन टीकाकरण वाली आबादी में महिलाओं का अनुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 1,045 महिलाएं है. केरल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिलता है. केरल में वयस्‍क आबादी का लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर 1,126 महिलाओं का है, जबकि टीका लगवाने की बता की जाए तो 1000 पुरुषों में 1,087 महिलाओं ने वैक्‍सीन लगवाई है.

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कम टीकाकरण कवरेज का मतलब यह हो सकता है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में लैंगिक विषमता अधिक है. यूपी में, जहां केवल 12% वयस्क आबादी का टीकाकरण किया गया है. उत्‍तर प्रदेश में वयस्क लिंगानुपात 1000 पुरुषों में 936 महिलाओं का है, जबकि यहां पर 1000 पुरुषों में सिर्फ 746 महिलाओं का ही टीकाकरण किया गया है.









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