UP News: झांसी की अनीता ऑटो वाली, पढ़ें उसके संघर्ष की कहानी


ऑटो वाली अनीता

Uttar Pradesh News: अनीता ने फैक्ट्री में काम किया और इस दौरान सुपरवाइजर से कहासुनी होने पर इस साहसी महिला ने सोचा कि किसी की कहासुनी से अच्छा है कि क्यों ना स्वयं का काम किया जाए और अब किसी की नौकरी ना करके अनिता चौधरी ने झांसी शहर की सड़कों पर टैक्सी चलाने की मन में ठान ली.

रानी लक्ष्मीबाई की नगरी में आज भी ऐसी महिलाएं हैं जो कि झांसी का नाम गर्व से ऊंचा किए हैं. वह बधाई के पात्र हैं ऐसी ही एक साहसी महिला तालपुरा निवासी 36 वर्षीय अनीता चौधरी जो कि शादी के बाद अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए काम करने के लिये घर बाहर निकली और उसने समाज की परवाह ना करते हुए ईमानदारी से लगन से भगवंतपुरा स्थित फैक्टरी में 10 वर्ष काम किया. इसके बाद 2 वर्ष पाल कॉलोनी में बोरी बनाने वाली फैक्ट्री में काम किया सुपरवाइजर से कहासुनी होने पर इस साहसी महिला ने सोचा कि किसी की कहासुनी से अच्छा है कि क्यों ना स्वयं का काम किया जाए और अब किसी की नौकरी ना करके अनिता चौधरी ने झांसी शहर की सड़कों पर टैक्सी चलाने की मन में ठान ली.

क्यों नहीं अनीता ऑटोवाली

अनीता ने बिना किसी की परवाह ना करती हुई एक सीएनजी टैक्सी फाइनेंस करा कर स्वयं झांसी के महानगर की सड़क पर चलाने का काम शुरू कर दिया. अनीता का कहना है कि वह अब अपने स्वयं के काम से बहुत खुश है और सुबह 5:00 से 9:00 बजे तक शाम को 5:00 से 8:00 बजे तक टैक्सी चलाकर 700 से 800 रुपये कमा कर अपने पति व तीन बच्चों का भरण पोषण करती है. अनीता ने कि उसकी शादी 1999 में हुई थी और पहले उसके पति फल का ठेला लगाते थे किंतु कुछ वर्षों से कोई काम नहीं करते हैं इसलिए वह स्वयं कार्य कर कर अपना परिवार चलाती है.

अनीता ऑटोवाली पर क्या कहना है लोगों काअपने परिवार का पेट पालने के लिए अनीता को ऑटो चलाने का सहारा लेना पड़ा. शहर से जिस किसी भी सड़क से अनीता ऑटो चलाते हुए निकली, उस जगह सिर्फ ऑटो वाली अनीता की चर्चा शुरू हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि अनीता का ऑटो चालकर परिवार को पालना समाज मे बड़ा संदेश है. जरूरी नहीं है कि महिलाएं पारिवारिक कर्तव्यों को घरों में रहकर ही पूरा करें. महिलाएं घरों से बाहर निकलकर ऑटो चलाकर भी सम्मान से जीवन यापन कर सकती है.









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