बंगाल में टीएमसी का मुकाबला करने के लिए रणनीति बदलेगी बीजेपी, सुवेंदू, घोष के हाथ में होगी कमान!


शुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी . (फाइल फोटो)

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने एक बैठक की और दावा किया कि राज्य के सभी जिलों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से संबंध रखने वाले गुंडे उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला कर रहे हैं.

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मुकाबला करने को तैयार हो रही है. पार्टी आने वाले दिनों में नई रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी. पार्टी हाईकमान से लेकर राज्य इकाई तक ने चुनाव बाद बंगाल में हुई हिंसा पर चिंता जताई है. माना जा रहा है कि भाजपा टीएमसी के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू करेगी जिसकी कमान शुवेंदू अधिकारी और दिलीप घोष के हाथों में होगी.

कोलकाता स्थित हेस्टिंग्स में पार्टी कार्यालय में मंगलवार को एक बैठक हुई जहां बंगाल इकाई के दिलीप घोष ने राज्य पदाधिकारियों, जोनल पर्यवेक्षकों और अन्य लोगों के बीच मोर्चा प्रमुखों के साथ बैठक की अध्यक्षता की. भाजपा के लिए अभी सबसे बड़ी चिंता चुनाव के बाद हो रही हिंसा है. बैठक में घोष ने घोषणा ऐलान किया कि बीजेपी, टीएमसी सरकार के खिलाफ भारत के राष्ट्रपति के पास जाएगी.

राज्यपाल ने भी सरकार को घेरा

घोष ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के नेता राज्य भर में प्रदर्शन करेंगे ताकि इसका खुलासा हो सके कि कैसे उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक प्रतिशोध के लिए टीएमसी द्वारा निशाना बनाया गया. घोष ने ममता बनर्जी के उस पर दावे को लेकर भी सीएम पर निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री बनने से पहले हिंसा हुई और उस वक्त कानून व्यवस्था चुनाव आयोग के अधीन थी. घोष ने कहा ‘हमारी जानकारी के अनुसार सीएम के शपथ लेने के बाद हिंसा में 33 लोग मारे गए हैं. कुल मिलाकर, अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है.’बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी कानून और व्यवस्था के मुद्दे पर टीएमसी सरकार को घेरते रहे हैं. बता दें बंगाल में बीजेपी इकाई की यह बैठक उस वक्त हुई है जब विधानसभा में नेता विपक्ष शुवेंदू अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हैं. वह यहां  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी से नड्डा मिलने आए हैं.

बैठक से यह चेहरे रहे गायब

बुधवार को शाह के साथ बैठक में अधिकारी ने गृह मंत्री को बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी दी. वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की. इसके अलावा पार्टी को बंगाल में खुद को एक बहुत मजबूत विपक्ष बनाने से जुड़ी चर्चा को लेकर अधिकारी गुरुवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे.

हालांकि कोलकाता में पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में कुछ वरिष्ठ नेता नहीं आए.  अधिकारी दिल्ली में हैं,  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कृष्णा नगर के विधायक मुकुल रॉय आइसोलेशन में हैं. वहीं रॉय की पत्नी अस्पताल में हैं.

इस बाबत भी कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिरी राजीव बनर्जी  बैठक से क्यों गायब थे. जिस पर पार्टी ने स्पष्ट किया कि राजीव पदाधिकारी नहीं हैं. उन्हें विशेष रूप से बैठक में बुलाया गया था. हालांकि बैठक में शामिल ना होने को लेकर बनर्जी ने निजी कारणों का हवाला दिया.









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