मुफ्त टीकाकरण की घोषणा के बाद एक्शन में केंद्र, 44 करोड़ वैक्सीन का दिया ऑर्डर


केंद्र सरकार ने 25 करोड़ कोविशील्ड और 19 करोड़ कोवैक्सिन की खुराकों का ऑर्डर दिया है. (न्यूज़18 क्रिएटिव)

Covid Vaccination: नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि 25 करोड़ कोविशील्ड और 19 करोड़ कोवैक्सिन की खुराकें अब से दिसंबर 2021 तक मिल जाएंगी. उन्होंने बताया कि इसके लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को दोनों टीकों की खरीद के लिए 30% एडवांस जारी कर दिया गया है.

नई दिल्ली. देश को दिसंबर 2021 तक कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) की 44 करोड़ खुराकें मिल जाएंगी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी. नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केंद्र सरकार ने 25 करोड़ कोविशील्ड और 19 करोड़ कोवैक्सिन की खुराकों का ऑर्डर दिया है. इसके साथ ही केंद्र ने बायोलॉजिकल ई वैक्सीन की 30 करोड़ खुराकों का भी ऑर्डर दिया है, जिनके सितंबर तक मिलने की संभावना है. पॉल ने कहा कि ये 44 करोड़ खुराकें (25 करोड़ कोविशील्ड और 19 करोड़ कोवैक्सिन) अब से दिसंबर 2021 तक मिल जाएंगी. उन्होंने बताया कि इसके लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को दोनों टीकों की खरीद के लिए 30% एडवांस जारी कर दिया गया है.

पॉल ने कहा कि हमें कंपनी (बायोलॉजिकल ई) द्वारा उनके टीके (कॉर्बेवैक्स) की कीमत की घोषणा करने का इंतजार करना चाहिए. यह नई नीति के तहत कंपनी के साथ हमारी बातचीत पर निर्भर करेगा. जो वित्तीय सहायता दी गई है वह कीमत के हिस्से को पूरा करेगी. उन्होंने कहा कि बायोलॉजिकल ई की वैक्सीन कोर्बेवैक्स की प्रोविजिनल साइंटिफिक डेट बहुत आशाजनक है.

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नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने वैक्सीन की कीमतों के लेकर कहा कि निजी क्षेत्रों (अस्पतालों) के लिए टीकों की कीमत वैक्सीन निर्माताओं द्वारा तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य निजी क्षेत्र की मांग को एकत्रित करेंगे, इसका मतलब है कि वे देखेंगे कि उसके पास सुविधाओं का कितना नेटवर्क है, और उसे कितनी खुराक की जरूरत है.टीकाकरण नीति में बदलाव को लेकर कही ये बात

यह पूछे जाने पर कि क्या भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टीकाकरण के दिशानिर्देशों में बदलाव किया, इस पर वीके पॉल ने कहा, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के चिंता का सम्मान करते हैं लेकिन भारत सरकार एकक मई से केंद्रीयकृत मॉडल को लागू करने का आकलन कर रही थी.’ पॉल ने कहा कि ऐसे फैसले, विश्लेषण और विचार-विमर्श के बाद एक समय के हिसाब से लिए जाते हैं.

बता दें कुछ दिन पहले उच्चतम न्यायालय ने केंद्र से अपनी टीकाकरण नीति की समीक्षा करने को कहा था. न्यायालय ने कहा था कि राज्यों और निजी अस्पतालों को 18-44 साल के लोगों से टीके के लिए शुल्क वसूलने की अनुमति देना प्रथम दृष्टया ‘‘मनमाना और अतार्किक’’ है. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 21 जून से 18 वर्ष से अधिक के सभी लोगों के लिए कोविड वैक्सीन को निशुल्क किए जाने की घोषणा की, जिसके बाद ऐसे सवाल उठ रहे हैं कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद केंद्र ने अपनी टीकाकरण नीति में बदलाव किया है.









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