लावारिस नवजात की चीख सुन पसीजा लेडी डीएसपी का कलेजा, पहले सीने से लगाया फिर जान बचाई


लावारिस बच्चे को अपनी गोद में ली हुई लेडी डीएसपी प्रिया ज्योति

लावारिस हालत में फेंक गए बच्चे की जान बचाने वाली लेडी डीएसपी प्रिया ज्योति पटना में ही ट्रेनिंग ले रही हैं. वो मूल रूप से आरा की रहने वाली हैं.

पटना. बिहार में ड्यूटी के दौरान एक महिला अधिकारी द्वारा नारी शक्ति और मानवीय संवेदना की एक अनोखी मिसाल पेश की गई है. मामला राजधानी से जुड़ा है जहां लेडी डीएसपी ने न केवल समय रहते नवजात की जान बचाई बल्कि उसे ममता की छांव भी दी. दरअसल पटना से सटे परसा बाजार में जन्म देने वाली माता ने बच्चे को सड़क किनारे मारने के लिए फेंक दिया लेकिन जब उस बच्चे को रोने की आवाज परसा बाजार में तैनात ट्रेनी डीएसपी प्रिया ज्योति के कानों तक गई तो उनका ममता भरा दिल जाग उठा.

डीएसपी ने उस बच्चे को सड़क से उठाकर पहले तो अपने सीने से लगा लिया फिर उसकी भूख शांत करने के लिए गाय का दूध भी बच्चे को पिलाया. फुलवारीशरीफ के परसा बाजार थाना में तैनात प्रशिक्षु डीएसपी प्रिया ज्योति ने ड्यूटी के दौरान ही ममता की भी मिसाल पेश की. प्रिया ज्योति महिला ट्रेनी डीएसपी हैं जो आरा की रहने वाली हैं. डीएसपी प्रिया ने बताया कि सड़क किनारे एक झोला में नवजात बच्चा फेंका हुआ मिलने की जानकारी प्राप्त हुई. इसके बाद दलबल के साथ मैं फौरन घटनास्थल शिवचक के पास पहुंची जहां सड़क किनारे झोले में कुछ घंटों पहले ही जन्मा हुआ नवजात बच्चा फेंका हुआ था.

बच्के को जिंदगी की अंतिम सांसे गिनता देख प्रिया ज्योति की ममता जाग उठी और वो बच्चे को सीने से लगाकर तुरंत स्थानीय निजी अस्पताल पहुंची. पुलिस ने सबसे पहले नवजात का इलाज कराया. बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य हुआ तो ट्रेनी डीएसपी की गोद मे किलकारियां मारने लगा, मानो वह अपनी मां की गोद में आ गया हो. नवजात का जरूरी इलाज कराने के बाद पद्मश्री सुधा वर्गीज के नारी गुंजन संस्था द्वारा दानापुर में संचालित सृजनी दत्तक ग्रहण संस्थान को सौंप दिया गया है. प्रिया अभी भी उस बच्चे के संपर्क में हैं और उसका हाल चाल लेते रहती हैं.









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