बिहार: दिल दहला देने वाला दृश्य! एक ही चिता पर पति-पत्नी का अंतिम संस्कार, बेटे को बगल में दफनाया


गया. सड़क हादसे का शिकार हुए पती-पत्नी को एक ही चिता पर जलाया गया, बच्चे को दफनाया गया.

Gaya News: गुरारू थाना क्षेत्र के डीहा गांव निवासी आर्मी जवान पिंटू कुमार सिंह, उनकी पत्नी और बेटा सड़क हादसे का शिकार हो गए थे. सोमवार को उनका अंतिम संस्‍कार किया गया था.

गया. गुरारू थाना क्षेत्र के डीहा गांव के आर्मी जवान अपनी पत्नी और बेटे के साथ रविवार को सड़क हादसे का शिकार हो गए थे. इस हादसे में जवान पिंटू सिंह, उनकी पत्नी काजल देवी और पुत्र रेहान की मौत हो गई थी. सोमवार को जवान पिंटू सिंह, उनकी पत्नी काजल देवी व पुत्र रेहान का अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान मौजूद हरेक शख्स की आखों में आंसू थे. विह्वल कर देने वाला दृश्य था कि एक साथ एक ही चिता पर पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया. बच्चे को भी वहीं बगल में दफनाया गया. बेहद ही मार्मिक वक्‍त में वहां मौजूद हर शख्‍स रो रहा था.

अंतिम संस्कार की प्रक्रिया से पहले आर्मी जवान का शव गया आर्मी कैम्प में लाया गया. डीहा गांव से कई लोग सुबह से ही आर्मी कैम्प पहुंचे थे. दोपहर बाद तिरंगा में लिपटे पिंटू सिंह के शव को कोसडीहरा ले जाया गया. सेना के जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उन्‍हें श्रद्धांजलि दी. ग्रामीणों ने नम आंखों के देश की सेवा में लगे इस लाल को अंतिम विदाई दी.

बता दें कि पति-पत्नी को उनके भतीजे ने मुखाग्नि दी. आर्मी के जवान पिंटू कुमार और उनकी पत्नी काजल सिंह का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, जबकि बच्चे का शव कुछ ही दूरी पर नदी में दफनाया गया. मृतक पिंटू कुमार मथुरा में आर्मी हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टाफ थे और कुछ ही दिन पहले प्रमोशन होकर नायक बने थे.

गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र के डीहा गांव का आर्मी जवान पत्नी और बेटे के साथ रविवार को सड़क हादसे का शिकार हो गया था

सेना के जवान पिंटू कुमार सिंह गया जिले के गुरारू प्रखंड के दिहा पंचायत में अपना नया घर बनवाया था. गृह प्रवेश करने के लिए 1 महीने की छुट्टी पर Gaya गया आ रहे थे, तभी रविवार की देर शाम कैमूर के दुर्गावती के पास गिट्टी लदा ट्रक इनकी कार पर पलट गया. इसमें आर्मी जवान, उनकी पत्नी और मासूम बच्‍चे की घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई. उनकी 7 वर्षीय बेटी सही सलामत बच गई. सभी का पोस्टमार्टम कैमूर में ही कर दिया गया था, जिसके बाद सभी का शव आर्मी हॉस्पिटल Gaya लाया गया और कागजी कार्रवाई के बाद आर्मी के गाड़ी से श्मशान घाट पहुंचाया गया.









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