लेखक की कलम से

मोदी को कोई गाली कमजोर नहीं कर सकती

- ललित गर्ग- पिछले लम्बे दौर से हमारे नेता देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दर्शन, उनके व्यक्तित्व, उनकी बढ़ती ख्याति व उनकी कार्य-पद्धतियांे पर कीचड़ उछाल रहे हैं अमर्यादित…
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लेखक की कलम से

जीवन की तलाश में जीवन का अंत क्यों? – ललित गर्ग

लियो तोलस्तोय ‘अन्ना’ और ‘वार एण्ड पीस’ जैसी विश्व प्रसिद्ध कृतियों के लेखक थे, फिर भी लिखते-लिखते डिप्रेशन में डूब जाते, विषाद की काली छाया उन्हें घेर लेती। अक्सर वे…
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लेखक की कलम से

दिव्यांगों को जीवन की मुस्कान दें – ललित गर्ग

हर वर्ष 3 दिसंबर का दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकलांग व्यक्तियों को समर्पित है। वर्ष 1976 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा के द्वारा “विकलांगजनों के अंतरराष्ट्रीय वर्ष” के रूप में…
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अहमदाबाद

गुजरात विस गिरिराज ने पटेल राजनीती में कांग्रेस पर सवाल दागते हुए कहा – अगर कांग्रेस जीती तो क्या अहमद पटेल बनेंगे CM

अहमदाबाद से ब्यूरो चीफ धनराज रावल की रिपोर्ट : गुजरात में चुनावी गहमागहमी के चलते कांग्रेस और बीजेपी रणनीति के तहत गुजरात विजयी की कोशिश में लगी हुई हैं. बीजेपी…
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लेखक की कलम से

यही है मोदी के आर्थिक सुधारों का प्रयोजन 

-ललित गर्ग- विश्व बैंक ने भारत में विदेशी व्यापार की संभावनाओं को नई ऊर्जा दे दी है। इससे आशा की जाती है कि आने वाले समय में भारत में देसी…
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लेखक की कलम से

जीवन को खुशियों के उजास से भरे 

-ललित गर्ग- जिन्दगी हमसे यही चाहती है कि हम अपने उजाले खुद तय करें और उन पर यकीन रखे। सफल एवं सार्थक जीवन का सबसे बड़ा उजाला है सकारात्मकता।  जीवन…
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लेखक की कलम से

मितव्ययिता है भारतीय संस्कृति का प्रमुख आदर्श 

विश्व मितव्ययिता दिवस 30 अक्टूबर 2017 पर विशेष -ललित गर्ग- प्रत्येक वर्ष 30 अक्टूबर को पूरी दुनिया में विश्व मितव्ययिता दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1924 में इटली के मिलान…
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राजनैतिक हलचल

मोदी के राज में पत्रकारों की आवाज की जा रही बंद, फिर भी चाटुकार बजा रहे बीन

मोदी सरकार के राज में पत्रकारों के खिलाफ हिंसक घटनाएं बढ गई हैं। राज्य सरकारें भी पत्रकारों पर अंकुश लगाने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। हों…
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ट्रेवल

अतिथि देवो भवः की परम्परा पर दाग लगना

-ललित गर्ग- अतिथि देवो भवः तो हम सदियों से कहते आए हैं लेकिन अतिथि के साथ हम क्या -क्या करते हैं, किस तरह हम इस आदर्श परम्परा को धुंधलाते हैं,…
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लेखक की कलम से

भ्रष्टाचार को पोषित करने का फरमान क्यों?

-ललित गर्ग- भ्रष्टाचार की खबर छापने तक पर रोक लगाने के राजस्थान सरकार के नये कानून ने न केवल लोकतंत्र की बुनियाद को ही हिला दिया है बल्कि चुनाव के…
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