Saturday, May 23

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील: चीन के लिए बड़ा झटका, भारत को 50% तक फायदा

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में संपन्न व्यापार समझौता चीन के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है। इस डील के बाद भारत के पक्ष में हालात पलट गए हैं और चीन के कई सेक्टरों में उसे नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

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टैरिफ में बड़ा बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही पिछले 10 महीनों तक भारत को टैरिफ और सीजफायर के मुद्दों में उलझाए रखा, लेकिन अब ट्रेड डील के ऐलान के साथ ही भारत की स्थिति मजबूत हो गई है। अमेरिका ने भारत के लिए टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। इस बदलाव के साथ ही चीन के लिए पहले से मौजूद कठिनाइयाँ और बढ़ गई हैं। चीन के 99% निर्यात पर अमेरिका ने पहले 37.5% से 55% टैरिफ लगा रखा था, जबकि इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पर यह 130% तक पहुंच जाता है।

भारत को चीन के मुकाबले 50% फायदा

ट्रेड डील के नए प्रावधानों से भारत को अमेरिका के बाजार में कई लाभ मिलेंगे। EV सहित कई सेक्टर में भारत अमेरिकी बाजार में आसानी से प्रवेश कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील के बाद भारत चीन के मुकाबले 50% लाभ में रहेगा।

MSME सेक्टर को मिली राहत

भारत के निर्यात में छोटे और मंझोले उद्यमों (MSME) का योगदान महत्वपूर्ण है। अमेरिका को भेजे जाने वाले कुल निर्यात में से लगभग 60% माल MSME सेक्टर से आता है। डील के बाद इन उत्पादों पर टैरिफ में कमी और शून्य टैरिफ जैसी छूट मिलने से MSME सेक्टर को बड़ी राहत मिली है। इस सेक्टर पर चीन का पहले लगभग एकाधिकार था, लेकिन अब भारत इसे चुनौती दे सकता है।

क्रिटिकल मिनरल्स और चीन की परेशानी

ट्रेड डील से पहले ही अमेरिका ने भारत को अपने क्रिटिकल मिनरल्स मुहिम में शामिल किया था। हाल ही में वॉशिंगटन में 50 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक इस मुहिम को और मजबूती देने वाली है। इस कदम ने चीन की सप्लाई चेन को पहले ही चुनौती दी है। भारत के लिए रेयर अर्थ मैग्नेट्स के विकल्प तैयार करना रणनीतिक प्राथमिकता बन गया है, क्योंकि वर्तमान में भारत के पास वैश्विक बाजार का केवल 3% हिस्सा है।

निष्कर्ष

इस डील के बाद अमेरिका के साथ भारत के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे और चीन के लिए प्रतिस्पर्धा और कठिन हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत के लिए न केवल व्यापारिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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