
पटना: बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति का दही-चूड़ा भोज सिर्फ सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सियासी संदेश का माध्यम भी बन गया। इस मौके पर आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव की राजनीतिक निष्क्रियता पर तीखा हमला बोला, वहीं तेज प्रताप यादव की तारीफ करते नहीं थके।
शिवानंद तिवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि चुनाव हारने के बाद तेजस्वी यादव मैदान से गायब हैं, जबकि तेज प्रताप यादव हर कार्यक्रम में छाए हुए नजर आए। तिवारी ने कहा, “मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज में तेज प्रताप पूरी तरह नजर आए। वहीं तेजस्वी ओझल हैं। 10 नवंबर के बाद से सन्नाटा है। जब नेता ही पस्त हैं तो कार्यकर्ताओं को ऊर्जा कौन देगा?”
उन्होंने उन सलाहकारों को भी निशाने पर लिया जिन्होंने पहले तेजस्वी की ताजपोशी की तारीख तय की थी और तेज प्रताप को रोकने की कोशिश की थी। तिवारी ने सवाल उठाया कि अब जब दल को भविष्य के लिए प्रेरित करने की जरूरत है, तब ये नेता और सलाहकार कहां हैं?
विशेषज्ञ मानते हैं कि शिवानंद तिवारी का यह संदेश सिर्फ व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि राजद के भीतर चल रहे सत्ता समीकरणों की हकीकत को उजागर करता है।