अन्तर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज की 186 दिवसीय साधना का दो दिवसीय निष्ठापन समारोह आज सेबुधवार को पदमपुरा में होगी शांति विधान पूजन के साथ शुरूगुरुवार को प्रातः 11 बजे से होगा महा-पारणा महोत्सव

जयपुर से नगर प्रतिनिधि की रिपोर्ट : अतिशय क्षेत्र बाड़ा पदमपुरा में विराजमान एवं अन्तर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज की 186 दिवसीय सिंह निष्क्रीडित आर्य मौन व्रत साधना के निष्ठापन समारोह में अपना सानिध्य दे रहे क्रांतिकारी राष्ट्र संत मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा कि ” संतो की साधना ही आस्था का प्रमुख केंद्र होती है जो देश और समाज मे सभ्यतासंस्कार और सच्चाई से अवगत करवाती है। संत समाज अपनी साधना से समपर्ण का बदलाव ला सकते है जो आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करती है। अन्तर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज ने इस पंचम काल मे जो 186 दिवसीय सिंह निष्क्रीडित आर्य मौन व्रत साधना की वह कोई साधारण साधना नहीवर्तमान युग मे हर कोई इस साधना से अंजान थालेकिन। अन्तर्मना की साधना इस चतुर्थ कालीन साधना को वर्तमान में कर सन्त समाज को नही अपितु पूरे भारत वर्ष को गौरवानीत किया है। यह कोई साधारण साधना नही इस साधना में कड़े नियमो का पालन करना होताजिसके बाद यह साधना सम्पन्न होती है। अन्तर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज ने इस साधना में 186 दिवस मौन व्रत पालन, 153 दिन उपवास और 33 दिन पारणा(आहार) का पालन कर वर्तमान पीढ़ी को धर्म का अनुसरण करवाया और संस्कारित भी किया। जो 11 जनवरी को सम्पन्न हो रहे है।

मंत्री हेमन्त सोगानी ने बताया कि बुधवार को क्षेत्र परिसर में मुनि तरुण सागरमुनि पीयूष सागर एवं गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में प्रातः बजे से शांति विधान पूजन का आयोजन किया गयाजिसकी मंगल शुरुवात पंडित विमल चंद जैन बनेठा वालों के निर्देशन में आयोजित की गईइस पूजन में संतो और आर्यिका संघ के मुखारविंद पूजन अर्घ चढाये गएइस बीच संतो के मंगल प्रवचन भी सम्पन्न हुए। इस पूजन में सभी 24 तीर्थंकर भगवानों का पूजन किया गयाजिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विधान पूजन में भाग लेकर अपने कर्मो की निर्जरा और अन्तर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज की साधना को लेकर पूजन स्थापना की और जलचन्दनअक्षतपुष्पनैवेघदीपधूपफलअर्घ और महाअर्घ सहित सम्पूर्ण जयमाला अर्घ चढ़ा जिनेन्द्र प्रभु की श्रद्धा-भक्ति के साथ पूजन-अर्चना कि।

मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि समारोह का मुख्य आयोजन गुरुवार 11 जनवरी को प्रातः 11 बजे से प्रारम्भ किया जाएगा। जिसकी शुरुवात अन्तर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज की 186 दिवसीय सिंह निष्क्रीडित आर्य मौन व्रत साधना का अंतिम दिवस महा मंगल पारणा के अंतर्गत क्रांतिकारी मुनि तरुण सागर महाराज के सानिध्य एवं मुनि पीयूष सागर व गणिनी आर्यिका गौरवमती माताजी ससंघ सानिध्य में मनाया जाएगा। जिसमे बड़ी संख्या में देश-विदेश के श्रद्दालुगन भाग लेंगे और मुनि श्री को पारणा सम्पन्न करवाएंगे।

समिति अध्यक्ष सुधीर जैन ने बताया कि गुरुवार को प्रातः महा पारणा सम्पन्न होने के पश्चात दोपहर 12.15 बजे विशाल धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा जिसे मुनि तरुण सागर सहित माह पश्चात अपनी साधना सम्पन्न करने के बाद पहली बार अन्तर्मना मुनि प्रसन्न सागर महाराज संबोधित करेंगे। इस समारोह के दौरान चातुर्मास निष्ठापन क्रिया भी सम्पन्न होगी साथ ही रेल यात्रा के सहयोगियों सहित चातुर्मास के सहयोगियों का भी सम्मान किया जाएगा। इस समारोह में भाग लेने केंद्रीय सड़क एवं जहाज रानी मंत्री नितिन गडग़रीकेंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवालभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन एवं कैलाश विजयवर्गीय सहित देश भर के समाज श्रेष्ठिगन और जयपुर व आस-पास के हजार से अधिक श्रद्दालुगन भाग लेंगे।