बंगलौर से पत्रकार संतोष कंकलिया की रिपोर्ट : कैबिनेट मिनिस्टर को घोषणा के साथ ही भाजपा नेताओं में हताशा देखनेको मिला इसी पर भाजपा के कर्नाटक से अच्छी पकड़ बनाये रखने वाले युवा नेता प्रवीण दक ने भाजपा आला कमान तक अपनी बात रखते हुए अपने समर्थकों से कहा कि दोस्तों आज की कैबिनेट विस्तार में कुछ ऐसा ही हुआ है जो जुम्मा-जुम्मा कुछ दिनों पहले बीजेपी में आए थे उन्हें मिनिस्टर बना दिया और जो नहीं थे वह भी बन गए और पार्टी में वर्षों से काम कर रहे हैं अपनी जिंदगी पार्टी के लिए लगा दी गई वह बेचारा हाथ मलते रह गए ओम जी माथुर गुजरात के प्रभारी रहे गुजरात जीता उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहा है उत्तर प्रदेश जीता वह हाथ मलते रह गए मेरे ख्याल से शायद यह पार्टी पर भारी पड़ेगा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा इस बार भी राजस्थान को कुछ नहीं मिला बस एक राज्य मंत्री पद शायद आत्मविश्वास ज्यादा हो गया कहीं भारी ना पड़ जाए राजनीति राजनीतिक लोग करे तो ही अच्छा है शायद पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव भूल गई है जहां उन्हें पार्टी कार्यकर्ता छोड़कर एक नौकरशाह पर विश्वास किया था पार्टी कार्यकर्ता ही जमीनी हकीकत जानता है चुनाव जीतने के लिए पार्टी कार्यकर्ता की जरूरत पड़ती है नाकी नए-नए चेहरा की मुझे लगता है आज ही के मंत्रिमंडल विस्तार से पुराने कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है।