वेंकैया नायडू देश के नए उपराष्‍ट्रपति चुने गए हैं. उन्‍होंने विपक्ष के उम्‍मीदवार गोपालकृष्‍ण गांधी को हराया. नायडू को 516 से ज्‍यादा वोट मिले. गोपालकृष्‍ण गांधी को केवल 244 वोट ही मिले. नायडू ने गांधी को 272 मतों से हराया.

नायडू देश के 15वें उपराष्‍ट्रपति होंगे. वे हामिद अंसारी की जगह लेंगे. अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्‍त को समाप्‍त होगा. नायडू 11 अगस्‍त को शपथ लेंगे.

आंध्र प्रदेश के नेल्लूर जिले के एक सीधे-सादे कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नायडू को उनकी वाक् क्षमता के लिए जाना जाता है. आंध्र प्रदेश विधानसभा में दो बार सदस्य रह चुके नायडू कभी लोकसभा के सदस्य नहीं रहे.

वेंकैया नायडू ने जीत के बाद कहा, ‘बिना डरे राज्यसभा का करूंगा संचालन’

उन्होंने कहा कि वह इस बात की कोशिश करेंगे कि ऊपरी सदन का हर सदस्य देश के सामने खड़े मुद्दों को सुलझाने की दिशा में अर्थपूर्ण योगदान करे। नायडू 10 अगस्त को हामिद अंसारी का स्थान लेंगे। उन्होंने कहा, ‘भारत के उपराष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित कर मुझे जो सम्मान मिला है, उसके लिए मैं अभिभूत हूं।’ इस निर्वाचन के जरिए वह राज्यसभा के सभापति भी होंगे।

नायडू ने साथ ही कहा, ‘खासतौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अन्य कई पार्टियों के नेताओं के आभारी हैं, जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी देने का विचार किया।’

उन्होंने कहा, ‘मैं संसद के सम्मानित सदस्यों के प्रति आभारी हूं, जिन्होंने मुझपे भरोसा जताया और यह जिम्मेदारी मुझे सौंपी।’

वेंकैया ने कहा कि वह इस बात से अभिभूत हैं कि एक आम आदमी को यह सम्मान प्राप्त हुआ है, क्योंकि ‘मेरी जड़ें एक सामान्य किसान परिवार से जुड़ी हुई हैं।’

जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेंकैया नायडू को बधाई दी. उन्‍होंने ट्वीट में लिखा, ‘भारत का उपराष्‍ट्रपति चुने जाने पर वेंकैया नायडू को बधाई. प्रेरणादायी और फलदायक कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं. मुझे विश्‍वास है कि नायडू एक समर्पित और मेहनती उपराष्‍ट्रपति के रूप में देश की सेवा करेंगे.’

 

 

ऐसे होती है उपराष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग
सीक्रेट बैलेट के माध्यम से उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य ही केवल वोट डाल सकते हैं। अपनी पसंद को मार्क करने के लिए सांसद एक खास पेन का इस्तेमाल करते हैं। अगर कोई सदस्य किसी दूसरे पेन का उपयोग करता है तो फिर वो वोट खारिज हो जाता है। बैलेट पेपर में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार का नाम होता है लेकिन इस पर किसी तरह का चुनाव चिह्न नहीं होता।