संगठन न्यूज़ पोर्टलों को सूचिबद्ध कर शासकीय सुविधाओं की करेगा मांग

उज्जैन : डिजिटल इंडिया की सबसे बड़ी कामयाबी अगर कोई है तो वो है समाचार पोर्टल, आपको अच्छे से ज्ञात होगा जो न्यूज़ पेपर में 1 दिन बासी खबर लोगो को परोसा जाता था तो वहीँ टीवी चैंनल पर भी समाचार घटना के घंटो बाद दिखाया जाता था उसे सबसे तेजी से पाठको तक पहुंचने वाला सेवा न्यूज़ पोर्टल को आज डिजिटल इंडिया का नारा देने वाली सरकार के शासन काल में नाकारा जा रहा है, वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी सक्रीय भूमिका निभाने वाले स्व. अशोक जी लुनिया के द्वारा स्थापित आल मीडिया जर्नलिस्ट सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनायक अशोक लुनिया ने न्यूज़ पोर्टल को जनसम्पर्क विभाग द्वारा एवं अन्य शासकीय विभाग द्वारा नाकार दिए जाने की बात से दुखी होकर कहा की ये हमारे देश की डिजिटल मीडिया का दुर्भाग्य है जो एक तरफ प्रधान मंत्री महोदय डिजिटल इंडिया का नारा दे रहे है वहीँ दूसरी तरफ हमारा सुचना प्रसारण मंत्रालय डिजिटल मीडिया की तरफ बिलकुल ध्यान नहीं दे रहा है जिसके चलते प्रशासन के आवश्यक विभागों द्वारा डिजिटल मीडिया को नाकार दिया जा रहा है. श्री लुनिया ने इस बात पर भी प्रकाश डाला है की सरकार द्वारा खुद जो समाचार सेवा का संचालन किया जा रहा है जो एक ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल है साथ ही सरकार के द्वारा समाचार पेपर के लिए अनिवार्य न्यूज़ एजेंसियां जो पहले फैक्स के माध्यम से समाचार उपलब्ध करवाती थी अब वो भी अपना पोर्टल के माध्यम से सेवाएं दे रही है तो वही आज टीवी चैंनल हो या किसी भी ग्रुप का न्यूज़ पेपर अपने न्यूज़ पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से सबसे तेजी से सेवाएं दे रहे है ऐसे में देश की तरक्की के क्षेत्र में डिजिटल मीडिया का एक अहम् किरदार नजर आ रहा है जिसको संरक्षण की आवश्यकता है, श्री लुनिया ने जानकारी देते हुए बताया की संगठन के बैनर तले देश भर के विभिन्न भाषाओँ के समाचार पोर्टल को संगठन में सूचिबद्ध किया जायेगा. जिसके पश्चात् संगठन नियमित संचालित समाचार पोर्टलों को शासकीय सेवा मिले इस हेतु संगठन कार्य करेगी. श्री लुनिया ने बताया की संगठन में समाचार पोर्टल को सूचीबद्ध करने के लिए पोर्टल संचालक को अपने पोर्टल के टाइटल के स्वामित्व का प्रमाण के साथ ही यह घोषणा करना होगा की मेरे द्वारा संचालित पोर्टल के नाम से किसी अन्य व्यक्ति का कोई समाचार पत्र/ पत्रिका या चैंनल नहीं है एवं इस पोर्टल का प्रसारण मेरे द्वारा गत 6 माह से किया जा रहा है साथ ही मेरे द्वारा पोर्टल में किसी प्रकार की असामाजिक, असंवैधानिक सामग्री का प्रकाशन नहीं किया जायेगा. श्री लुनिया ने बताया की उक्त कथन को 10 रूपए या उससे अधिक (जिस पर नोटरी हो सके) के स्टाम्प पेपर पर नोटरी करवा के संगठन के एक फॉर्म के साथ निर्धारित सहयोग राशि का भुगतान कर जमा करवाना होगा जिसमे पोर्टल से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी का समावेश हो जिसको संगठन द्वारा गठित पेनल द्वारा जाँच करने के पश्चात् सूचीबद्ध किया जायेगा. एवं सूचीबद्ध करने के पश्चात् संगठन शासकीय स्तर पर मीडिया को प्राप्त होने वाली सेवाओं हेतु सरकार से मांग करेगा.