गोंडा से ब्यूरो चीफ पवन कुमार द्विवेदी की रिपोर्ट : देवर्षि नारद एक ऐसे पुराण पुरूष हैं। जिनका पूरा जीवन परानुग्रहकांक्षया रहा है। सभी पुराणों में नारद जी एक अनिवार्य भूमिका में हैं। उन्हें देवर्षि की संज्ञा दी गयी है परन्तु उनका कार्य देवताओं तक ही सीमित नहीं था। वे मानवों तथा दानवों के समान रूप से मित्र, मार्गदर्शक व परामर्शदाता थे। दुनिया के प्रथम पत्रकार देवर्षि नारद ने लोग कल्याण के लिए वाणी का प्रयोग इस प्रकार किया कि हर घटना का परिणाम लोकहित में निकला यह बात लखनऊ से आये वरिष्ठ पत्रकार स्थानीय सम्पादक न्यूज टाइम्स नेटवर्क राधेष्याम दीक्षित ने कही। श्री दीक्षित ने कहा कि आज समाज में अनेकों समस्याएॅ हैं। लोककल्याण के लिए इन समस्याओं का समाधान करना ही नारदीय परम्परा की पत्रकारिता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह प्रचार प्रमुख अरविन्द कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विश्व संवाद केन्द्र भारत की मीडिया को राष्ट्रवादी विचारों से परिपूर्ण करने तथा वामपंथी झुकाव वाली मीडिया को राष्ट्रीय विचारधारा से भरने के लिए निरन्तर कार्यरत हैं। संघ के जिला प्रचार प्रमुख अभिलाष ने कहा कि वास्तव में 30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस और नारद की जन्मतिथि ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया अलग नहीं है। जिला संघचालक श्रीमान सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय विचारों के प्रसार के लिए संघ 90 वर्षाे से कार्यरत हैं। इस अवसर पर जिला कार्यवाह ओमप्रकाश, जिला शारीरिक प्रमुख अवनि कुमार, प्रवीण श्रीवास्तव, तुलसीराम, जितेन्द्र कुमार, राजेश राय चन्दानी, योगेन्द्र तिवारी, डाॅ0 राजेन्द्र पाठक, अनिरूद्ध सिंह शाही, अनुपम मिश्रा, केके श्रीवास्तव, राजाबाबू गुप्ता, ज्योति पाण्डेय, यज्ञदेव पाठक, अमित श्रीवास्तव, पुष्पा मिश्रा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।