मुंबई : सुबह के समय धार्मिक गतिविधियों के लिए लाउडस्पीकरों की तेज आवाज पर किए गए गायक सोनू निगम के ट्वीट पर एक मौलवी ने गायक का सिर मुडवाने का फतवा जारी किया था । मजे की बात है कि बॉलीवुड गायक ने इसके जवाब में एक संवादाता सम्मेलन बुलाया और अपना सिर मुंडवा लिया।

सोनू ने सोमवार को किए गए अपने ट्वीट पर बातचीत करने के लिए संवाददाता सम्मेलन बुलाया था। उनके ट्वीट पर बहुत हंगामा हुआ था और कोलकाता के एक धर्मगुरू सैयद सहा अतेफ अली अल कादरी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया।

हेयरस्टाइलिस्ट आलीम हकीम से सिर मुंडावाने से पहले, गायक ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि उनका ट्वीट सिर्फ सुबह धार्मिक गतिविधियों कि लिए लाउडस्पीकर के प्रयोग के खिलाफ है, किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं।

सोनू ने कहा, मैंने सिर्फ लाउडस्पीकर के प्रयोग के खिलाफ बोला। सबको अपना विचार रखने का अधिकार है। मुझे भी अपना विचार रखने का अधिकार है और, इसका गलत अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए। लाउडस्पीर जरूरी नहीं हैं, वे धर्म का हिस्सा नहीं हैं।
गायक ने कहा कि उनकी मंशा, किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाने की नहीं थी। यदि मैंने कुछ गलत किया है, तो कृपया मुझे माफ कर दें। मेरी मंशा सिर्फ एक सामाजिक मसले पर बात करने की थी, धार्मिक विषय पर नहीं।

गायक ने कहा कि सुबह धार्मिक गतिविधियों के लिए लाउडस्पीकर के प्रयोग को गुंडागर्दी बताने वाले उनके सिर्फ एक ट्वीट पर हंगामा करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा, लोगों ने मेरे सिर्फ एक ट्वीट को देखा, जहां मैंने गुंडागर्दी की बात कही थी, और अन्य ट्वीट पर ध्यान भी नहीं दिया जहां मैंने मंदिरों और गुरूद्वारों की भी बात की थी।

सोनू ने कहा, अगर लोग मोहम्मद रफी को अपना पिता मानने वाले और उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान के शिष्य को मुसलमान विरोधी समझते हैं तो यह मेरी नहीं बल्कि उनकी परेशानी है।

इन दिनों लोग या तो वामपंथी हैं, या फिर दक्षिणपंथी, ऐसे में उनके जैसा एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति अल्संख्यक है।

उन्होंने कहा, मैं धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हूं, एक तटस्थ व्यक्ति हूं। आपको तटस्थ लोग बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। इसलिए, यहां मैं अल्पसंख्यक हूं। संवाददाता सम्मेलन खत्म होने के बाद सोनू अपने कमरे में गए और सिर मुंडवाया।