भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि भारत में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है और नियती ने संकेत भी दे दिए है कि भारत अब दुनिया का सुपर पावर बनने जा रहा है। लेकिन भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और सबसे प्राचीनतम संस्कृति वाला देश हैं और वह सुपर पावर नहीं जगतगुरू बनने की ओर अग्रसर है। सुधांशु त्रिवेदी रविवार की शाम को भोपाल में मासिक पत्रिका नवलोक भारत की वैचारिक संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त कर रहें थे। उन्होंने कहा कि प्रचंड जनादेश हो तो अपेक्षाओं को ज्वार होता है और उत्तरदायित्वों का भार भी होता है, इससे पार पाना ही चुनौती है। संगोष्ठी में दिल्ली से आई भाजपा की एक और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुश्री शाजिया इल्मी और प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद थे। इनके साथ भास्कर समूह के चेयरमेन रमेशचन्द्र अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा, सांसद आलोक संजर, नवलोक भारत के मुखिया कैलाश सारंग और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद थे।
दर्शकों से खचाखच भरे स्थानीय समन्वय भवन में आयोजित ‘प्रचंड जनादेशः चुनौतियां और संभावनाएं’ विषय पर संगोष्ठी में बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि देश का नेतृत्व इस समय मजबूत हाथों में है और इसका श्रेष्ठ उदाहरण गैस सबसिडी का करोड़ो लोगों द्वारा स्वयमेव त्याग करना और नोट बंदी में जनता का धीरज है जो यह दिखाता है कि नेतृत्व का जनता पर नैतिक प्रभाव है। यह किसी भी शासन के लिए बहुत जरूरी है। श्री त्रिवेदी ने कहा कि नियती ने भारत के पक्ष में बदलाव के संकेत 01.01.2001 को ही दे दिऐ थे जब 21वीं सदी का सूर्य भाजपा के प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दिनों में उदय हुआ था। वही संकेत उत्तरप्रदेश चुनाव के बाद अब बड़े बदलाव के रूप में सामने दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार में गतिशीलता और संवेदनशीलता दोनों ही होना चाहिए और इसके साथ जाति या क्षेत्रवाद के चश्में से देखने का नजरिया बदलने का माद्दा होना चाहिए। उन्होंने त्रिपल तलाक, वंदे मातरम का विरोध और राम जन्मभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि मुद्दों को सही परिप्रेक्ष्य में समझना जरूरी हैं और यह बातें अब धीरे-धीरे सभी की समझ में आ रही है।
इससे पूर्व सुश्री शाजिया इलमी ने कहा कि ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा अब विकास का सबसे बड़ा मंत्र बनता जा रहा है। यह पहली बार है जब विकास को भावनाओं से जोड़ा गया है। अभी तक जाति या क्षेत्र को भावना के साथ जोड़ा जाता था और इसी कारण संप्रदायवाद और फिरकापरस्ती की जड़ें गहरी हो गई थी। अब भारत बदल रहा है नकली चेहरे बेनकाब हो रहे है और विकास सबसे आगे आ रहा है। त्रिपल तलाक के मुद्दे पर बोलते हुए शाजिया ने लोगों से मदद की अपील की और कहा कि इस असंवैधानिक और गैर पौराणिक मुद्दे पर हमारी मदद कीजिए, इससे जुड़िए, सामने आइए और साथ दीजिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में पूर्व सांसद व नवलोक भारत के मुखिया कैलाश सारंग ने कहा कि बुलंदियो पर बने रहना आसान नहीं होता, इसलिए जो इतनी बड़ी जीत भाजपा की हुई है इसने चुनौतियां बढ़़ा दी है और जनता की उम्मीदों को भी बढ़़ा दिया है। इससे पूर्व रमेशचन्द्र शर्मा और रमेश अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। स्वागत भाषण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने किया तथा वंदे मातरम की प्रस्तुति उपासना सारंग त्यागी और सुनील शुक्रवारे ने दी। अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन नवलोक भारत के प्रधान संपादक विवेक सारंग ने किया। श्रोताओं में विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर आलोक शर्मा, नगर निगम के कई एमआईसी एवं पार्षद, वरिष्ठ पत्रकार तथा कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।